देश

सुरंग में फंसे 41 श्रमिक कर रहे हैं योग और व्यायाम, रिश्तेदार ने बताया- सभी के स्वस्थ्य रहने का राज

  • Authored by: रामानुज सिंह
  • Updated Nov 23, 2023, 07:37 PM IST

Silkyara Tunnel Case: उत्तरकाशी में सिल्क्यारा सुरंग में फंसे 41 मजदूरों को निकालने का प्रयास तेज है। इसी बीच पता चला कि 12 दिनों से फंसे मजदूर स्वस्थ्य रहने के राज का खुलासा हुआ।

Image

सुरंग में फंसे श्रमिकों के स्वस्थ्य रहने का राज योगा है (तस्वीर-BCCL)

Silkyara Tunnel Case: उत्तरकाशी में सिल्क्यारा सुरंग में 12 दिनों से 41 श्रमिक फंसे हुए हैं। उन्हें निकालने का प्रयास किया जा रहा है। इसी बीच फंसे एक श्रमिकों में से एक गब्बर सिंह नेगी के भाई जयमल सिंह नेगी के मुताबिक सभी 41 श्रमिक सुरंग में योग और अन्य अभ्यास कर रहे हैं। जबकि बचावकर्मी बाहर निकालने के लिए रास्ता बनाने के लिए काम युद्ध स्तर पर कर रहे हैं। नेगी ने जल्द ही 'अच्छी खबर' मिलने की उम्मीद भी जताई है। 12 नवंबर को सिल्क्यारा से बरकोट तक निर्माणाधीन सुरंग का एक हिस्सा ढह गया जिससे सिल्कयारा की तरफ 41 मजदूर मलबे में फंस गए। फंसे हुए मजदूर 2 किमी के निर्मित हिस्से में हैं। उनकी सुरक्षा के लिए कंक्रीट का काम पूरा किया गया है। फंसे हुए मजदूरों में उत्तराखंड और असम के दो-दो, हिमाचल के एक, उत्तर प्रदेश के आठ, बिहार और ओडिशा के पांच-पांच, पश्चिम बंगाल के तीन और 15 अन्य झारखंड के हैं।

एएनआई से बात करते हुए जयमल सिंह नेगी ने बताया कि उनके भाई ने उन्हें सुरंग के अंदर फंसे हुए लोगों के योग और व्यायाम करने के बारे में बताया था। उन्होंने अपने भाई को इन गतिविधियों को जारी रखने की सलाह भी दी। उन्होंने कहा कि मैंने अपने भाई को योग, व्यायाम और पैदल चलते रहने की सलाह दी। नेगी ने कहा कि उन्होंने कहा हां, हम यह कर रहे हैं। इससे पहले दिन में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बचाव स्थल का दौरा किया। उन्होंने गब्बर सिंह नेगी और एक अन्य कार्यकर्ता सबा अहमद से बात कर उनका हालचाल जाना। धामी ने उन्हें चल रहे बचाव अभियान के बारे में जानकारी दी और फंसे हुए सभी श्रमिकों की भलाई के लिए प्रार्थना की।

अमेरिकी औगर मशीन का उपयोग करते हुए बचावकर्मियों ने मंगलवार को ड्रिलिंग फिर से शुरू की और बुधवार देर रात तक सुरंग के सिक्यारा को अवरुद्ध करने वाले 60 मीटर के मलबे में से 45 मीटर तक ड्रिल किया। राष्ट्रीय आपदा के लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर) सैयद अता हसनैन प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) ने बचाव अभियान की तुलना अप्रत्याशित समयसीमा वाले युद्ध से की है। उन्होंने कहा कि यह ऑपरेशन एक युद्ध की स्थिति की तरह है जहां कोई दुश्मन की चाल के बारे में अनुमान लगाता रहता है। उन्होंने आगे उल्लेख किया कि इस ऑपरेशन में 'हिमालयी भूविज्ञान' दुश्मन है। गढ़वाल रेंज के पुलिस महानिरीक्षक केएस नागन्याल ने भी उल्लेख किया कि मशीनरी के काम के कारण बचाव की अवधि अनिश्चित है।

आईजी ने कहा कि बचाव का प्रयास जारी है और उम्मीद है कि जल्द ही बचाव कार्य पूरा कर लिया जाएगा। यह मशीनरी का काम है इसलिए कोई निर्धारित समय तय नहीं किया जा सकता। बचाव कार्य रात में भी जारी रहेगा। सिल्क्यारा सुरंग स्थल पर कुल 41 एम्बुलेंस तैनात हैं, जिनमें से 31 '108' से और 10 प्रशासन द्वारा प्रदान की गई हैं।

रामानुज सिंह
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

और पढ़ें
End of Article
Subscribe to our daily Newsletter!

संबंधित खबरें