Avalanche in Garhwal : उत्तरकाशी जिले के द्रौपदी का डंडा शिखर पर हिमस्खलन में 10 ट्रेनी पर्यवेक्षकों की मौत हो गई है। समाचार एजेंसी पीटीआई ने इसकी पुष्टि की है। बता दें कि नेहरू पर्वतारोहण संस्थान के 29 प्रशिक्षु पर्वतारोहियों का एक समूह मंगलवार को उत्तरकाशी जिले के द्रौपदी का डंडा शिखर पर हिमस्खलन में फंस गया। 19 लोग अभी भी लापता हैं। स्थानीय प्रशासन, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, आईटीबीपी एवं सेना की टीमें लापता लोगों का तलाश कर रही हैं।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपने ट्वीट में कहा है कि इस हादसे में मौत होने की जानकारी मिलने पर उन्हें गहरा दुख पहुंचा है।उन्होंने कहा कि उनकी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से बात हुई है।
बचाव में उतरी सेना
रक्षा मंत्री ने कहा है कि उन्होंने राहत एवं बचाव कार्य चलाने के लिए वायु सेना को निर्देश दिया है। रक्षा मंत्री ने कहा कि वह सभी लोगों की सुरक्षा के लिए प्रार्थना करते हैं। सीएम धामी ने कहा है कि रक्षा मंत्री से उनकी बात हुई है। राहत एवं बचाव अभियान में तेजी लाने के लिए सेना की मदद लेने हेतु अनुरोध किया है, जिसको लेकर उन्होंने हमें केंद्र सरकार की ओर से हर सम्भव सहायता देने के लिए आश्वस्त किया है। सभी को सुरक्षित निकालने हेतु रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है।
सीएम धामी ने किया ट्वीट
सीएम धामी ने अपने ट्वीट में कहा है कि द्रौपदी का डांडा-2 पर्वत चोटी में हिमस्खलन होने के कारण नेहरू पर्वतारोहण संस्थान, उत्तरकाशी के 28 प्रशिक्षार्थियों के फंसे होने की सूचना प्राप्त हुई है।
चॉपर भी आए भूस्खलन की चपेट में
ट्रैकर्स को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए एसडीआरएफ की टीमें देहरादून से रवाना हो गई हैं। समाचार एजेंसी एएनआई ने आईएएफ अधिकारियों के हवाले से कहा है कि पर्वतारोही टीम को बचाने में तैनात आईएएफ के दो चीता हेलिकॉप्टर भी भूस्खलन की चपेट में आए हैं। अन्य जरूरतों के लिए अन्य हेलिकॉप्टर को स्टैंडबॉय मोड पर रखा गया है।
उत्तरकाशी के जिला आपदा प्रबंधन सेंटर का कहना है कि हिमस्खलन में अभी 21 और लोगों के फंसे होने की आशंका है। इन्हें निकालने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। अब तक आठ ट्रेनी पर्वतारोहियों को सुरक्षित निकाल लिया गया है।
