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पहलगाम में लश्कर के जिस प्रॉक्सी ने टूरिस्टों पर बरसाई थीं गोलियां, अमेरिका ने उस TRF को आतंकी संगठन किया घोषित

अमेरिका द्वारा TRF को आतंकवादी संगठन घोषित करना केवल भारत को कूटनीतिक समर्थन नहीं देता, बल्कि यह पाकिस्तान-प्रायोजित आतंकवाद के खिलाफ एक वैश्विक अभियान को मजबूती भी देता है। यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए एक स्पष्ट संदेश है कि आतंकवाद और उसके सरपरस्तों के खिलाफ अब कोई ढील नहीं दी जाएगी।

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जम्मू कश्मीर में तैनात सुरक्षाबल (फोटो- AP)

पहलगाम आतंकी हमले की जिम्मेदारी लेने वाले लश्कर के प्रॉक्सी आतंकी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट के खिलाफ अमेरिका ने बड़ी कार्रवाई की है। अमेरिका ने टीआरएफ (TRF) को आतंकी संगठन घोषित कर दिया है। पहलगाम में टीआरएफ ने ही टूरिस्टों पर गोलियां बरसाईं थीं, जिसमें 26 लोगों की मौत हो गई थी।

टीआरएफ को विदेशी आतंकवादी संगठन घोषित

पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ने पहलगाम आतंकी हमले में संलिप्तता के चलते पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) की शाखा 'द रेजिस्टेंस फ्रंट' (TRF) को विदेशी आतंकवादी संगठन (FTO) घोषित कर दिया है। यह निर्णय अमेरिका के विदेश विभाग ने गुरुवार को जारी एक आधिकारिक बयान के माध्यम से सार्वजनिक किया। विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि यह कदम राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में पहलगाम हमले के दोषियों को न्याय दिलाने की प्रतिबद्धता का एक स्पष्ट संकेत है। उन्होंने बयान में कहा- “हम TRF को न केवल एक विदेशी आतंकवादी संगठन (FTO), बल्कि विशेष रूप से नामित वैश्विक आतंकवादी (SDGT) के रूप में भी नामित कर रहे हैं। यह नामांकन लश्कर-ए-तैयबा और उसके सहयोगी संगठनों के नेटवर्क को बाधित करने की दिशा में एक निर्णायक प्रयास है।”

अमेरिका की सख्ती

अमेरिकी विदेश विभाग ने अपने बयान में बताया कि TRF को 'आव्रजन एवं राष्ट्रीयता अधिनियम' की धारा 219 और 'कार्यकारी आदेश 13224' के तहत आतंकवादी संगठन घोषित किया गया है। इस नामांकन के चलते TRF की सभी अमेरिकी परिसंपत्तियां जब्त की जा सकेंगी, संगठन से जुड़े किसी भी अमेरिकी नागरिक के लेनदेन को अपराध माना जाएगा और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसकी गतिविधियों पर रोक लगाने की कार्रवाई की जा सकेगी।

टीआरएफ और पहलगाम हमला

अप्रैल 2024 में हुए पहलगाम हमले में दर्जनों निर्दोष नागरिक मारे गए थे, जिसे भारत ने 2008 के मुंबई हमलों के बाद का सबसे भीषण आतंकी हमला बताया है। इस हमले की जिम्मेदारी द रेजिस्टेंस फ्रंट ने ली थी, हालांकि बाद में भारत-पाक तनाव बढ़ने पर संगठन ने अपना बयान बदल दिया। भारत का मानना है कि TRF, लश्कर-ए-तैयबा का ही एक नया मुखौटा है, जिसे जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद फैलाने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निगरानी से बचने के लिए बनाया गया है। TRF हाल ही के वर्षों में भारतीय सुरक्षा बलों पर कई हमलों की जिम्मेदारी ले चुका है।

भारत की प्रतिक्रिया और कूटनीतिक पहल

पहलगाम हमले के बाद भारत ने 7 मई को "ऑपरेशन सिंदूर" चलाया, जिसमें पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में नौ आतंकी ढांचों को ध्वस्त किया गया। इसके अलावा मई के अंत में भारत के सात बहुदलीय प्रतिनिधिमंडलों ने वाशिंगटन सहित 33 अंतरराष्ट्रीय राजधानियों का दौरा किया, ताकि पाकिस्तान के आतंकवाद से संबंधों को वैश्विक मंच पर उजागर किया जा सके।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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