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UP पुलिस में होंगे बड़े बदलाव,बॉडी वार्न कैमरा-फुल बाडी प्रोटेक्टर से लैस दिखेंगे जवान,बनेगी QRT

  • Agency by: Agency
  • Updated Oct 27, 2022, 01:43 PM IST

UP Police New Look And Facilities: गृह विभाग ने पुलिस आधुनिकीकरण योजना के तहत 1200 बॉडी वार्न कैमरा खरीदने के लिए 4.8 करोड़ और महिलाओं के लिए 1650 फुल बॉडी प्रोटेक्टर खरीदने के लिए 2.48 करोड़ रूपये की राशि की मंजूरी दे दी है। इसके अलावा 10 जिलों में हाइटेक लॉ एंड आर्डर QRT की स्थापना करने की तैयारी है।

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यूपी पुलिस का बदलेगा लुक

Photo : iStock
KEY HIGHLIGHTS
  • 10 जिलों में हाइटेक लॉ एंड आर्डर QRT की स्थापना करने की तैयारी है।
  • बॉडी वार्न कैमरे के जरिए, क्राइम सीन और जांच के दौरान मदद ली जाती है।
  • सभी जिलों में क्राइम सीन वीडियोग्राफी ऐप की इस्तेमाल होगा।

UP Police New Look And Facilities: उत्तर प्रदेश पुलिस की छवि बदलने की तैयारी है। इसके लिए पुलिस को हाईटेक बनाने पर जोर है। जिससे कि न केवल अपराध को रोकने में मदद मिले बल्कि जांच प्रक्रिया भी तेज और कहीं ज्यादा पारदर्शी बन सके। जल्द ही यूपी पुलिस के ज्यादा से ज्यादा जवान बाडी वार्न कैमरा और फुल बाडी प्रोटेक्टर से लैस होंगे। साथ ही पुलिस समय पर कार्रवाई कर सके, इसके लिए लॉ एंड आर्डर QRT(Quick Response Team) टीम भी बनाने की तैयारी है। पुलिस को नया कलेवर देने के लिए गृह विभाग की तरफ से 650 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि खर्च करने की योजना है।

बॉडी वार्न कैमरा और फुल बॉडी प्रोटेक्टर ऐसे करेंगे मदद

उत्तर प्रदेश सरकार के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार गृह विभाग ने पुलिस आधुनिकीकरण योजना के तहत 1200 बॉडी वार्न कैमरा खरीदने के लिए 4.8 करोड़ और महिलाओं के लिए 1650 फुल बॉडी प्रोटेक्टर खरीदने के लिए 2.48 करोड़ रूपये की राशि की मंजूरी दे दी है। बॉडी वार्न कैमरे के जरिए, क्राइम सीन और जांच के दौरान मदद ली जाती है। यह आम तौर पुलिस अधिकारी द्वारा शरीर के धड़ पर पहना जाता है। जिसमें ऑडियो, वीडियो या फोटोग्राफिक रिकॉर्डिंग सिस्टम होता है। इसके जरिए पुलिस घटनाओं को रिकॉर्ड करने का काम करती है।

इसी तरह, महिलाओं के लिए खरीदे जाने वाले फुल बॉडी प्रोटेक्टर का इस्तेमाल उनकी सुरक्षा के लिए किया जाएगा। जो कि किसी उपद्रव और दंगे की स्थिति में जवान को पूरी सुरक्षा प्रदान करेगा।

इस समय उत्तर प्रदेश में करीब 2.5 लाख जवान और अधिकारी हैं।

अपराधसंख्या/रेट
साल 2021 में IPC और SLL के तहत दर्ज केस608082
प्रति एक लाख आबादी पर अपराध262.4
चार्जशीट रेट82.1

स्रोत: NCRB

10 जिलों में QRT

इसी तरह अपराधिक घटना स्थल और किसी हादसे पर तुरंत पहुंचने और उसके लिए तुरंत एक्शन लेने के लिए 10 जिलों में हाइटेक लॉ एंड आर्डर QRT की स्थापना करने की तैयारी है। इसके अलावा 6.75 करोड़ की लागत से एसआईटी, ईओडब्ल्यू, सीबीसीआईडी और एसीओ के जांच और विवेचना के लिए एक डेडिकेटेड FSL की स्थापना करने की योजना है । कन्नौज में डेडिकेटेट मिनी टेक्निकल लैब भी विकसित किया जा रहा है। साथ ही 10 जिलों में करीब 641 करोड़ रुपए खर्च कर एडवांस सोशल मीडिया मानिटरिंग सेल की स्थापना भी की जाएगी।

सभी जिलों में क्राइम सीन वीडियोग्राफी ऐप

क्राइम सीन वीडियोग्राफी ऐप की मुजफ्फरनगर, बाराबंकी और अलीगढ़ में शुरूआत हो चुकी है। एनसीआरबी की ओर से विकसित क्राइम सीन वीडियोग्राफी ऐप को राज्य के अन्य जिलों में लागू करने के लिए कार्य योजना तैयार की गई है और तकनीकी सेवा मुख्यालय पर पूरी प्रक्रिया के लिए तकनीकी समिति गठित की गई है। कन्नौज, अलीगढ़, गोंडा और बरेली में फोरेंसिक लैब संचालित की जा चुकी है। अन्य 66 जिलों में अस्थायी फील्ड यूनिट की स्थापना की गई है। जबकि बाकी जिलों में जल्द ही डेडीकेटेड अस्थायी फील्ड यूनिट की स्थापना होगी।

इसके अलावा राज्य के 18 परिक्षेत्रीय साइबर थानों के प्रशासनिक भवन निर्माण सम्बन्धी कार्यवाही की जा रही है। सात परिक्षेत्रीय साइबर थानों वाराणसी, झांसी, बस्ती, अलीगढ़ आजमगढ़, गोरखपुर और बांदा में इस दिशा में काम शुरू हो चुका है । प्रदेश के सभी 1531 थानों में साइबर हेल्प डेस्क की स्थापना भी पूरी कर ली गई है।

प्रशांत श्रीवास्तव
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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