यूपी के कई जिले इस समय बाढ़ की चपेट में हैं। विपक्ष के साथ-साथ सत्ता के भी कुछ नेता सही व्यवस्था नहीं होने के कारण सवाल उठा चुके हैं। इसी बीच अब नेताओं को कार्यकर्ताओं के गुस्से का शिकार होना पड़ रहा है। इसी का शिकार जब योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री संजय निषाद बनें तो वो अपनी ही पार्टी के कार्यकर्ता पर भड़क गए।
निषाद पार्टी के मुखिया शनिवार को मऊ के दौरे पर थे। यहां एक पार्टी के कार्यक्रम में उन्हें शामिल होना था। इस कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं की बैठक बुलाई गई थी। मीटिंग जैसे ही शुरू हुई कार्यकर्ताओं ने बाढ़ का मुद्दा उठाना शुरू कर दिया। कार्यकर्ताओं ने दावा कि मल्लाह बाढ़ की चपेट में हैं और उन्हें सरकार की ओर से कोई सहायता नहीं मिल रही है। चूंकि संजय निषाद मल्लाह समाज से आते हैं और उसी समाज का प्रतिनिधित्व भी करने का दावा करते हैं, इसलिए उन्हें ये समस्या सुनाई जा रही थी।
कार्यकर्ताओं की समस्याओं के बीच मंत्रीजी को गुस्सा आ गया और वो भड़क गए। भड़के भी ऐसे कि माइक फेंक दिया। बोले- "हम से बड़े नेता हो तो बोलो, नहीं तो सुनो...।" इतना बोलने के बाद संजय निषाद ने माइक फेंक कर कार्यकर्ताओं की क्लास लगाने लगे। संजय निषाद के इस व्यवहार से वहां मौजूद नेता और कार्यकर्ता हक्के-बक्के रह गए।
संजय निषाद ने आगे आरोप लगाया कि सवाल उठाने वाले नेता बिके हुए हैं और दूसरे के इशारे पर चल रहे हैं। उन्होंने कहा- "दूसरे के इशारे पर चल रहे हो न, बर्बाद हो जाओगे।"
बाद में जैसे ही संजय निषाद को अपनी गलती का अहसास हुआ बात को बदलने की कोशिश करने लगे। निषाद पर यह भी आरोप लगे हैं कि उन्होंने इस घटना के वीडियो को डिलीट करवाने की कोशिश भी की थी।
