Global Investors Summit Uttar Pradesh 2023: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस 'लोकल से ग्लोबल' पहल का बीड़ा उठाया था, उसे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आगे ले जा रहे हैं। इसी कड़ी में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट या यूपी इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन होना है। योगी सरकार इस कार्यक्रम के जरिए न केवल सूबे की अर्थव्यवस्था में नई जान फूंकेगी बल्कि इसके जरिए प्रदेश के लोगों के जीवन पर भी असर पड़ेगा। आइए जानते हैं, कैसे?
यूपी में यह समिट 10 से 12 फरवरी, 2022 के बीच होनी है। कहा जा रहा है कि इसके जरिए यूपी की इकनॉमी को एक ट्रिलियन तक पहुंचाने की कोशिश है। सबसे रोचक बात है कि समिट से तीन महीने पहले ही 150 इन्वेस्टर्स ने एक लाख 10 हजार करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव दे दिए हैं।

(फोटो सोर्सः invest.up.gov.in)
ऐसे में समझा जा सकता है कि इससे लोगों के लिए करियर के लिहाज से नई नौकरियों, अवसर और संभावनाओं के द्वार खुलेंगे। यही नहीं, यूपी इसके साथ ही मजबूत छवि भी देश-दुनिया के स्तर पर पेश करेगा कि वह किसी से कम नहीं है। ऊपर से यूपी के लोगों की स्किल अपने सूबे में रहते हुए देश के बाकी हिस्सों के साथ दुनिया तक पहुंचेगी। माना जा रहा है कि यह समिट यूपी वालों के लिए लाइफ चेंजर साबित हो सकती है।
'पहले UP लोकसेवा आयोग के नाम से चिढ़ते थे युवा'
सीएम योगी ने इससे पहले शुक्रवार को लोक भवन सभागार में यूपी लोकसेवा आयोग की ओर से अधीनस्थ कृषि सेवा के लिए चुने गए अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र बांटे। उन्होंने इस दौरान कहा कि पहले की सरकारों में यूपी लोकसेवा आयोग बदनाम केंद्र था। इसके नाम से युवाओं को चिढ़ होती थी। लगता था कि कहीं न कहीं यह प्रदेश के युवाओं से धोखा कर रही है। अब चयन की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी हो गई है, इसलिए आप भी अपने क्षेत्र में ईमानदारी से प्रदेश के विकास में सहयोग दें और कृषि क्षेत्र में विकास की रफ्तार को ‘डबल डिजिट’ में पहुंचाने में योगदान दें।
