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UP ATS: उत्तरप्रदेश में रोहिंग्या के खिलाफ यूपी एटीएस की ताबड़तोड़ छापेमारी, 6 जिलों से 74 गिरफ्तार

  • Authored by: शिशुपाल कुमार
  • Updated Jul 24, 2023, 06:34 PM IST

UP ATS: उत्तर प्रदेश के विशेष पुलिस महानिदेशक (कानून—व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने कहा कि एटीएस को सूचना मिली थी कि उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में कुछ रोहिंग्या अवैध तरीके से रह रहे हैं। इस पर एटीएस ने स्थानीय पुलिस इकाइयों की मदद से एक अभियान चलाया और कुल 74 रोहिंग्या लोगों को गिरफ्तार कर लिया।

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यूपी एटीएस की रोहिंग्याओं के खिलाफ बड़ी कार्रवाई (फाइल फोटो)

Photo : Twitter

UP ATS: उत्तरप्रदेश में यूपी एटीएस ने रोहिंग्या के खिलाफ सोमवार को ताबड़तोड़ छापेमारी की है। यूपी के छह जिलों में एटीएस ने छापे मारे हैं। इन छापों में 74 ऐसे रोहिंग्या को गिरफ्तार किया गया है, जो अवैध रूप से छिपकर रह रहे थे।

एटीएस को मिली थी सूचना

उत्तर प्रदेश के विशेष पुलिस महानिदेशक (कानून—व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने कहा कि एटीएस को सूचना मिली थी कि उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में कुछ रोहिंग्या अवैध तरीके से रह रहे हैं। इस पर एटीएस ने स्थानीय पुलिस इकाइयों की मदद से एक अभियान चलाया और कुल 74 रोहिंग्या लोगों को गिरफ्तार कर लिया।

कहां से कितनी गिरफ्तारी

उन्होंने बताया कि गिरफ्तार रोहिंग्या लोगों में 16 महिलाएं और लड़कियां तथा 58 पुरुष शामिल हैं। इन सभी लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्यवाही की जा रही है। इस दौरान सबसे अधिक 31 रोहिंग्या मथुरा से धरे गए हैं। इसके बाद 17 को अलीगढ़ से, 16 को हापुड़ से, चार-चार को गाजियाबाद और मेरठ से और दो को सहारनपुर से पकड़ा गया।

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कितने रोहिंग्या गिरफ्तार

हजारों रोहिंग्या अवैध तरीके से रह रहे

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि मोटे अनुमान के मुताबिक, हजारों रोहिंग्या राज्य के विभिन्न हिस्सों में अवैध रूप से रह रहे हैं। दो साल पहले, यूपी एटीएस ने मानव तस्करी और बांग्लादेश शरणार्थी शिविरों से अवैध अप्रवासियों को यूपी और देश के विभिन्न हिस्सों में स्थापित करने वाले एक रैकेट का खुलासा किया था। यह रैकेट अवैध अप्रवासियों के जाली भारतीय पहचान प्रमाण तैयार करने में भी शामिल था।

कौन हैं रोहिंग्या

म्यांमार की सेना की कार्रवाई के बाद हजारों की संख्या में रोहिंग्या मुसलमान अपने घर छोड़कर भाग गए हैं। जिसके बाद ये बांग्लादेश, भारत समेत कई देशों में शरण लिए हैं। हजारों की संख्या में रोहिंग्या कई देशों में अवैध तरीके छुप कर भी रह रहे हैं।

शिशुपाल कुमार
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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