समाजवादी पार्टी (सपा) के मुखिया और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को पिता की कमी खूब खल रही है। मुलायम सिंह यादव के निधन के अगले रोज बुधवार (12 अक्टूबर, 2022) को वह बेहद भावुक हो गए। उन्होंने इस बात का संकेत अपने एक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए दिया और बताया कि उन्हें पिता की गैर-मौजूदगी में पहली बार कैसा लगा। ट्वीट में पिता के अंतिम संस्कार से जुड़ी दो तस्वीरें शेयर करते हुए उन्होंने लिखा, "आज पहली बार लगा…बिन सूरज के सवेरा उगा।"
नेताजी के पूरे परिवार में उनके भाई अभय राम सिंह, राजपाल सिंह, शिवपाल सिंह और रामगोपाल यादव हैं। भतीजों में धर्मेंद्र यादव, कार्तिकेय यादव, अंकुर यादव, अंशुल यादव, प्रतीक यादव पुत्र, तेज प्रताप सिंह आदि हैं। समझा जा सकता है कि सिर से पिता का हाथ उठने के बाद अखिलेश अंदर से पूरी तरह टूट गए होंगे। ऐसे में सियासी गलियारों में सवाल उठने लगा है कि अब उन्हें आगे कौन राह दिखाएगा? बेशक मुलायम सक्रिय तौर पर उन्हें रास्ता न दिखा पाते, मगर बड़े मसलों में, मनोबल के मोर्चे पर और एक सहारे के नाते अहम भूमिका में थे।
अखिलेश के इस जज्बाती ट्वीट पर सोशल मीडिया यूजर्स ने भी ढांढस बांधने का प्रयास किया। @satya_nirupam ने कहा कि पिता के जाने को स्वीकारने में समय लगता है। वैसे पिता जाकर भी नहीं जाते। हमारे भीतर उनकी उपस्थिति और बढ़ जाती है।
@pp2247 बोले- अखिलेश भैया संभालिए अपने आप को। यही तो नितांत सत्य है! जो आया है, सबको एक दिन जाना है...। नेताजी को सच्ची श्रद्धांजलि होगी जब उनके बनाए हुए रास्ते पर आप चलेंगे! समाज के सभी वर्गों को लेकर आगे बढ़ना होगा खास करके गरीबों का कल्याण करना, नेताजी का मिशन था।@rahulrao_sahab ने लिखा, "अब तुम ही नेता तुम्हीं मुलायम ,तुमसे रहेगा सब कुछ कायम...श्रद्धेय नेताजी अमर रहें...।" @AlokpandeyAyd ने कहा- ऐसा होता है, पिता का साया जब तक बेटे पर बना रहता हूँ तब आजाद परिंदा है, जिस दिन बाप का साया चला जाता था बेटा अकेला महसूस करता है।
सपा संस्थापक मुलायम का 11 अक्टूबर को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया था। यूपी के सैफई में पैतृक आवास पर नेताजी के अंतिम दर्शन के लिए उमड़े जन सैलाब के बीच बड़े बेटे अखिलेश ने नम आंखों से पिता के पार्थिव शरीर को मुखाग्नि दी थी। यह काम करने से पहले अखिलेश ने सिर पर सपा की लाल टोपी लगाई थी। अंतिम संस्कार के दौरान वहां मौजूद लोगों ने 'नेताजी-अमर रहें’ और 'मुलायम सिंह यादव-अमर रहें, अमर रहें'' के नारे लगाए।
समाजवादी पार्टी के संस्थापक और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री यादव का सोमवार (10 अक्टूबर, 2022) को दिल्ली से सटे गुरुग्राम (हरियाणा) के मेदांता अस्पताल में निधन हुआ। वह 82 साल के थे। उनके पार्थिव शरीर को सोमवार शाम सैफई लाकर उनकी ‘कोठी’ में रखा गया, जहां हजारों लोग ‘नेता जी’ को अंतिम विदा देने पहुंचे। यादव अपने समर्थकों और कार्यकर्ताओं के बीच ‘नेताजी’ के नाम से मशहूर थे।
