केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और कथित ‘वोट चोरी’ के मुद्दे को लेकर इंडिया गठबंधन के सांसदों के द्वारा चुनाव आयोग तक निकाले गए मार्च को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। रिजिजू ने मीडिया से बात करते हुए विपक्षी सांसदों पर निशाना साधा और कहा कि देश का समय और संसदीय कार्य बाधित नहीं होने देंगे। उन्होंने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी का नाम लिए बिना एक व्यक्ति की ‘नासमझी’ और एक परिवार की वजह से देश को होने वाले नुकसान की बात कही।
विपक्ष पर भड़के रिजिजू
रिजिजू ने कहा, "कांग्रेस और विपक्ष ने बहुत समय बर्बाद किया है। अब हम देश और संसद का समय बर्बाद नहीं करेंगे। सरकार महत्वपूर्ण विधेयक पारित करना चाहती है। आज हम लोकसभा और राज्यसभा दोनों में महत्वपूर्ण विधेयक पारित करेंगे। एक आदमी की नासमझी और एक परिवार की वजह से देश इतना नुकसान नहीं झेल सकता।" केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि कई विपक्षी सांसद स्वयं मान चुके हैं कि वे असहाय हैं और उनके नेता उन्हें हंगामा करने के लिए मजबूर करते हैं। "हमारा संसद में चुनकर आए प्रतिनिधि जनता की बात रखने के लिए हैं, न कि हर दिन संसद का समय बर्बाद करने के लिए। इसलिए हम महत्वपूर्ण विधेयक पारित करेंगे।" उन्होंने विपक्ष के संसद बहिष्कार और प्रदर्शन को संसद और देश की संवैधानिक प्रक्रियाओं पर हमला करार दिया।
विपक्ष पर आरोप
रिजिजू ने यह भी आरोप लगाया कि विपक्षी गठबंधन ने चुनाव आयोग की बैठक में शामिल होने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने इंडी गठबंधन के प्रत्येक दल से दो सदस्यों को बैठक में शामिल होने के लिए कहा था, लेकिन वे 30 सदस्यों को भेजने में विफल रहे। उन्होंने कहा कि अब खरगे कह रहे हैं कि सभी सांसद वीआईपी हैं, क्या 150 लोग चुनाव आयोग के कमरे में प्रवेश करेंगे?" इसके अलावा, किरेन रिजिजू ने विपक्ष पर भरोसे की कमी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "इंडी गठबंधन को सुप्रीम कोर्ट, चुनाव आयोग और संसद पर भरोसा नहीं है। वे हमारे देश की संवैधानिक संस्थाओं पर लगातार प्रहार कर रहे हैं। ये बार-बार देश की छवि को नुकसान पहुंचाने के लिए नाटक करते हैं। जनता ने हमें देश सेवा के लिए चुना है, न कि नाटक करने के लिए।"
विपक्ष का मार्च
इस बीच, विपक्षी सांसदों ने बिहार में मतदाता सूची के पुनरीक्षण और कथित ‘वोट चोरी’ के विरोध में संसद से चुनाव आयोग के कार्यालय तक मार्च निकाला था। दिल्ली पुलिस ने इस मार्च को रोकने की कोशिश की, जिसके बाद विपक्षी सांसदों ने जोरदार हंगामा किया। इस दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, सपा प्रमुख अखिलेश यादव, शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत समेत कई विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिया गया।
