लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी को एक के बाद एक तीन राज्यों से चुनाव आयोग के अधिकारियों ने नोटिस भेजा है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के वोट चोरी के आरोपों पर ये नोटिस भेजे गए हैं। सबसे पहले कर्नाटक से राहुल गांधी को नोटिस भेजा गया, जहां से कहा गया है कि राहुल गांधी एक महिला वोटर को लेकर फर्जी कागजात दिखाए हैं। इसके बाद हरियाणा और महाराष्ट्र से भी राहुल गांधी को नोटिस भेजा गया है।
शकुन रानी केस में नोटिस
कांग्रेस सांसद को नोटिस भेजने के बाद कर्नाटक के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि राहुल गांधी समय रहते डिक्लेरेशन दें या फिर झूठे आरोप लगाने के लिए देश से माफी मांगें। इससे पहले चुनाव आयोग ने नोटिस जारी कर कहा कि अगर शकुन रानी या किसी अन्य ने दो बार मतदान किया है तो वे दस्तावेज उपलब्ध कराएं। हालांकि, पूछताछ में शकुन रानी ने कहा कि उन्होंने सिर्फ एक बार मतदान किया है, दो बार नहीं। पिछले दिनों कर्नाटक के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) ने राहुल गांधी को पत्र लिखकर अपात्र मतदाताओं के जुड़े और पात्र मतदाताओं के नाम हटाने के आरोप पर शपथ पत्र मांगा था। उन्होंने राहुल गांधी और कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल को शुक्रवार 1 से 3 बजे तक मिलने का समय भी दिया था।
हरियाणा से राहुल गांधी को नोटिस
हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने लोकसभा के नेता राहुल गांधी को पत्र लिखकर उनसे अनुरोध किया है कि वे हस्ताक्षरित घोषणा/शपथ, दस (10) दिनों के भीतर कार्यालय को वापस कर दें, ताकि जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 और मतदाता पंजीकरण नियम, 1960 के प्रावधानों के अनुसार आवश्यक कार्यवाही शुरू की जा सके। कर्नाटक के मुख्य निर्वाचन अधिकारी द्वारा जारी नोटिस और हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी द्वारा आज जारी रिमाइंडर के बाद, भारत निर्वाचन आयोग ने एक बार फिर सख्त लहजे में कहा है: "राहुल गांधी या तो कर्नाटक के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के पहले नोटिस और हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के रिमाइंडर पर समय पर घोषणा करें या देश से माफी मांगें।"
राहुल गांधी को तीसरा नोटिस महाराष्ट्र से
महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने भी हरियाणा की तरह ही नोटिस जारी किया है और राहुल गांधी से जवाब में मांगा है। महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने लोकसभा नेता राहुल गांधी को पत्र लिखकर उनसे अनुरोध किया है कि वे हस्ताक्षरित घोषणा/शपथ, दस (10) दिनों के भीतर कार्यालय को वापस कर दें, ताकि जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 और मतदाता पंजीकरण नियम, 1960 के प्रावधानों के अनुसार आवश्यक कार्यवाही शुरू की जा सके। बता दें कि राहुल गांधी ने वोट चोरी के आरोपों के दौरान हरियाणा और महाराष्ट्र को लेकर भी दावे किए थे।
