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छत्तीसगढ़ आते ही सीधे चंपारण धाम पहुंचे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, चंपेश्वर महादेव की पूजा अर्चना की, बेहद प्राचीन है इतिहास

Champaran Dham: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज छत्तीसगढ़ के पवित्र धाम चंपारण पहुंचे। यहां उन्होंने महाप्रभु वल्लभाचार्य जी के मुख्य प्राकट्य बैठक स्थल के दर्शन किए और पूजा अर्चना भी की।

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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने की चंपेश्वर महादेव की पूजा अर्चना

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल
KEY HIGHLIGHTS
  • केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज पहुंचे चंपारण धाम
  • अमित शाह ने देशवासियों की सुख समृद्धि की कामना की
  • गृह मंत्री अमित शाह ने लोगों से भी की मुलाकात

Union Home Minister Amit Shah: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज छत्तीसगढ़ के पवित्र धाम चंपारण पहुंचे। यहां उन्होंने महाप्रभु वल्लभाचार्य जी के मुख्य प्राकट्य बैठक स्थल के दर्शन किए और पूजा अर्चना की। इसके साथ ही उन्होंने चम्पेश्वर महादेव की पूजा अर्चना भी की। छत्तीसगढ़ में महाप्रभु वल्लभाचार्य जी के जन्मस्थल में देशभर से पुष्टिमार्ग के अनुयायी जुटते हैं। बनारस दक्षिण प्रवास के दौरान वल्लभाचार्य जी की माता को प्रसव पीड़ा हुई और चंपारण में चम्पेश्वर महादेव मंदिर के निकट उन्होंने बालक को जन्म दिया। वल्लभाचार्य जी ने पुष्टि मार्ग का प्रवर्तन किया और देशभर में कृष्ण भक्ति की अलख जगाई।

गृह मंत्री अमित शाह ने किये चंपारण धाम के दर्शन

बता दें, चंपारण धाम में देश भर से श्रद्धालु जुटते हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने यहां पूजा अर्चना की और देशवासियों की सुख समृद्धि की कामना की। उल्लेखनीय है कि चंपारण ने पहले चंपा के फूलों के जंगल भी थे। यह चंपा के फूल भगवान चम्पेश्वर महादेव को अर्पित किए जाते थे। भारत में हमेशा से उत्तर से दक्षिण भारत की ओर तथा दक्षिण भारत से उत्तर की ओर तीर्थ यात्रा की परंपरा रही है और यह तीर्थ यात्रा महानदी के बहुत से तीर्थ स्थलों के निकट से गुजरती है। चंपारण की कहानी अपने आप में भारत की विशिष्ट सांस्कृतिक समृद्धि को दर्शाती है। उसके साथ ही यह महाप्रभु वल्लभाचार्य एवं भक्ति आंदोलन के आचार्यों की सुंदर परंपरा को भी दर्शाती है जिन्होंने सनातन परंपरा के मूल्यों को संजोया और कृष्ण भक्ति की अलख जगाई।

चौरासी वैष्णवी की वार्ता तथा वल्लभ दिग्विजय जैसे ग्रंथों में महाप्रभु के बचपन और उनकी सुंदर स्मृतियां दर्ज हैं। चंपारण राजिम के निकट है राजिम में भगवान श्री राजीव लोचन विराजित हैं। यह पदम क्षेत्र कहा जाता है। इस पद्म क्षेत्र के चारों ओर पंचकोसी परिक्रमा होती है। इस पंचकोसी परिक्रमा में श्रद्धालु हिस्सा लेते हुए चम्पेश्वर महादेव में जल अर्पित करते हैं।

Shashank Shekhar Mishra
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शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

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