Akhilesh Yadav: पश्चिम बंगाल में बीजेपी की प्रचंड जीत के बाद उत्तर प्रदेश में भी सियासी हलचल शुरू हो गई है। बंगाल में भगवा जीत का असर यूपी में भी दिख रहा है और विपक्षी दल कई तरह के आरोप लगा रहे हैं। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बुधवार को आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश और पूरे देश में विभिन्न चुनावों में बहुस्तरीय चुनाव माफिया सक्रिय है और सत्तारूढ़ भाजपा के इस मॉडल ने पूरी लोकतांत्रिक व्यवस्था को जकड़ लिया है।
भाजपा और चुनाव आयोग पर आरोप लगाया
लखनऊ में पार्टी के राज्य मुख्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने भाजपा और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन पर विभिन्न चुनावों और उपचुनावों में धांधली करने की मिलीभगत का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि देश में बहुस्तरीय चुनाव माफिया सक्रिय है। समाजवादी पार्टी (एसपी) प्रमुख ने दावा किया कि गैर-पंजीकृत, भूमिगत संघ से जुड़े संगठन अभी भी जासूसी और मुखबिरी की गतिविधियों में लगे हुए हैं। उन्होंने कहा कि चुनावों के दौरान, ऐसे गैर-पंजीकृत संगठन हर बूथ स्तर पर निगरानी रखते हैं।
कहा- ये लोग विभिन्न संस्थाओं की आड़ में काम करते हैं
अखिलेश ने कहा, ये लोग विभिन्न संस्थाओं की आड़ में काम करते हैं और धर्म, न्यायपालिका, विश्वविद्यालयों, संस्कृति, भाषा और मूल्यों से संबंधित संगठनों या परिषदों के रूप में अपने स्वार्थों के लिए दीमक की तरह देश को खोखला कर रहे हैं। इनके संबंध विदेशों तक फैले हुए हैं, यही कारण है कि तथाकथित 'स्वदेशी' समर्थकों को अक्सर विदेश यात्रा करते देखा जाता है। उन्होंने आगे दावा किया कि एक विशेष विचारधारा से जुड़े गुप्त अधिकारी हैं और उनके व्हाट्सएप समूहों का विवरण – जिनमें उनके नाम और देश तथा लोकतंत्र के खिलाफ कथित षड्यंत्रों के सबूत शामिल हैं, उजागर किया जाएगा।
कुछ पसंदीदा ठेकेदार भी इसमें शामिल
यादव ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ लाभ-लोभी धनी व्यापारी इस व्यवस्था का समर्थन कर रहे हैं और बढ़ती महंगाई का एक कारण ऐसे व्यक्तियों का सरकार के साथ मिलकर अपने हितों और भ्रष्टाचार की रक्षा करना है। उन्होंने कहा कि कुछ पसंदीदा ठेकेदार भी इसमें शामिल हैं और ये सब मिलकर एक चुनावी माफिया की तरह काम कर रहे हैं और एक लोकतांत्रिक अपराध गिरोह बना रहे हैं। सपा अध्यक्ष ने छिबरामऊ, मड़ियाहू और शाहगंज में 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में पार्टी की मामूली हार और उसके बाद कुंदरकी, रामपुर और मिल्कीपुर में हुए उपचुनावों में अनियमितताओं का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पार्टी ने इस कथित वोट चोरी के संबंध में चुनाव आयोग में कई शिकायतें दर्ज कराईं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।
शिकायत पत्रों के बंडल दिखाए
अपने दावों को साबित करने के लिए यादव ने चुनाव आयोग को भेजे गए शिकायत पत्रों के बंडल दिखाए। उन्होंने कहा कि सपा ने भाजपा द्वारा कथित वोट चोरी से संबंधित 18,000 मामलों की पहचान की थी, लेकिन आयोग ने उनमें से किसी पर भी कार्रवाई नहीं की। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार के दोषी पाए गए एक अधिकारी को इस शर्त पर राहत दी गई कि वह समाजवादी पार्टी से मिल्कीपुर चुनाव "छीन" लेगा।
चुनाव के दौरान अधिकारियों द्वारा सुनियोजित हेरफेर का आरोप लगाते हुए यादव ने कहा, अब वोटों की गिनती नहीं, बल्कि पूरी रणनीतिक तैयारी के साथ 'मन की गिनती' की जा रही है। लोगों की धारणाओं को पहले से ही आकार दिया जाता है और परिणाम को लेकर पहले से ही दबाव बनाया जाता है।
किसी का नाम लिए बिना उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोग परिस्थितियों का फायदा उठाकर अपना काम करवा रहे हैं, यह भूलकर कि पिछड़े वर्ग, दलित और अल्पसंख्यक (पीडीए) केवल उत्तर प्रदेश में ही नहीं, बल्कि पूरे देश में मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि देशभर में लोग धीरे-धीरे जागरूक हो रहे हैं और चेतावनी दी कि "एक दिन 95 प्रतिशत लोग इन 5 प्रतिशत लोगों का पर्दाफाश कर सकते हैं।
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