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UGC NET 2024 पेपर लीक मामले में जांच शुरू, CBI ने अज्ञात लोगों के खिलाफ दर्ज किया केस

UGC-NET Paper Leak Case: UGC NET 2024 की परीक्षा 18 जून 2024 को दो अलग-अलग शिफ्ट में कराया गया था। 19 जून को यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन UGC को इस तरह के इनपुट्स मिले कि इस परीक्षा में धांधली और गड़बड़ी हुई है और प्रश्न-पत्र डार्कनेट पर उपलब्ध हैं। मामला सामने आने के बाद सरकार ने पेपर रद्द कर इसकी जांच सीबीआई को सौंप दी है।

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CBI registers case in UGC NET 2024 paper leak case

Photo : BCCL

UGC-NET Paper Leak Case: UGC NET 2024 पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने अपनी जांच शुरू कर दी है। सीबीआई ने गुरुवार को अज्ञात लोगों के खिलाफ आईपीसी की धाराओं 120बी (साजिश), 420 (धोखाधड़ी) की धाराओं में केस दर्ज किया है। सीबीआई एसीबी के इंस्पेक्टर सुनील कुमार को इस जांच का सिम्मा सौंपा गया है। बता दें, यूजीसी-नेट परीक्षा में धांधली सामने आने के बाद सरकार ने इसकी जांच सीबीआई को सौंपी थी।

सीबीआई को संजय मूर्ति, सेकेट्री मिनिस्ट्री ऑफ एजुकेशन की तरफ से 20 जून 2024 को एक लिखित शिकायत मिली थी। शिकायत में कहा गया था कि UGC NET 2024 की परीक्षा जिसे नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने गत 18 जून 2024 को दो अलग-अलग शिफ्ट में कराया था। 19 जून को यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन UGC को नेशनल साइबर क्राइम थ्रेट एनालिसिस यूनिट की तरफ से इस तरह के इनपुट्स मिले कि इस परीक्षा में धांधली और गड़बड़ी हुई है।

डार्कनेट पर उपलब्ध था प्रश्न-पत्र

सूत्रों ने बताया कि परीक्षा के अगले दिन विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) को भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (आई4सी) की राष्ट्रीय साइबर अपराध खतरा विश्लेषण इकाई से जरूरी सूचनाएं मिलीं कि प्रश्न-पत्र डार्कनेट पर उपलब्ध हैं और कथित तौर पर मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर 5-6 लाख रुपये में बेचे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सीबीआई अपराधियों को पकड़ने के लिए अपने स्वयं के डार्कनेट एक्सप्लोरेशन सॉफ्टवेयर और सिस्टम शुरू करते हुए आई4सी के साथ निकट समन्वय में काम करेगी।

प्रथम दृष्टया शुचिता से समझौता किए जाने की आशंका

अधिकारियों ने कहा कि शिक्षा मंत्रालय की शिकायत के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्रालय के तहत काम करने वाले आई4सी से मिली जानकारियां प्रथम दृष्टया इस बात के संकेत देते हैं कि परीक्षा की शुचिता से समझौता किये जाने की आशंका है। शिक्षा मंत्रालय के सचिव के. संजय मूर्ति के संदर्भ नोट में कहा गया है, परीक्षा प्रक्रिया में उच्चतम स्तर की पारदर्शिता और पवित्रता सुनिश्चित करने के लिए, भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय ने उक्त परीक्षा को रद्द करने और मामले की गहन जांच के लिए मामले को केंद्रीय जांच ब्यूरो को सौंपने का फैसला किया है।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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