सुरक्षा बलों ने म्यांमार की सीमा से लगे अरुणाचल प्रदेश के लोंगडिंग जिले में भीषण मुठभेड़ के दौरान दो उग्रवादियों को मार गिराया। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। रक्षा प्रवक्ता ने बताया कि मारे गए उग्रवादियों के नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नागालिम (एनएससीएन-के-वाईए) गुट से होने का संदेह है। प्रमुख गुट एनएससीएन (आईएम) सहित विभिन्न अन्य नागा संगठनों के साथ चल रही शांति वार्ता के बावजूद एनएससीएन (के-वाईए) गुट सीमा पार अभियानों में सक्रिय रहा है।
सुरक्षा बलों पर उग्रवादियों ने किया हमला
यह मुठभेड़ गुरुवार को उस समय हुई जब सुरक्षा बलों के गश्ती दल पर उग्रवादियों ने हमला कर दिया, जिनके बारे में माना जा रहा है कि वे अरुणाचल प्रदेश के लोंगडिंग जिले में भारत-म्यांमार सीमा के आर-पार सक्रिय हैं। प्रवक्ता ने कहा, "इसके जवाब में सुरक्षा बलों ने प्रभावी तरीके से हमले का जवाब दिया।" उन्होंने बताया कि भीषण गोलीबारी के दौरान सशस्त्र आतंकवादी अंतर्राष्ट्रीय सीमा पार कर म्यांमार की ओर चले गए।
संघर्ष विराम से दूर है एनएससीएन (के-वाईए)
एनएससीएन (के-वाईए) ने केंद्र के साथ संघर्ष विराम समझौते पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं। म्यांमार के साथ चार पूर्वोत्तर राज्य अरुणाचल प्रदेश (520 किमी), मणिपुर (398 किमी), नागालैंड (215 किमी) और मिजोरम (510 किमी) की कुल 1,643 किलोमीटर लंबी बिना बाड़ वाली सीमा है।
मणिपुर में भी हुआ था एनकाउंटर
इस बीच, 14 मई को दक्षिणी मणिपुर के चंदेल जिले में असम राइफल्स के साथ मुठभेड़ के दौरान 10 उग्रवादी मारे गए थे। यह जिला म्यांमार के साथ बिना बाड़ वाली सीमा साझा करता है। घटनास्थल से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया। इस जखीरे में सात एके-47 राइफलें, एक रॉकेट चालित ग्रेनेड लांचर, एक एम4 राइफल, चार सिंगल बैरल ब्रीच-लोडिंग राइफलें, गोला-बारूद और अन्य युद्धक सामग्रियां शामिल थीं।
