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दो दशकों की लीडरशिप और विरासत: Times Now की कहानी

दर्शकों के बदलते रुझानों के साथ Times Now की प्राइमटाइम प्रस्तुति भी विकसित हुई। The Newshour, India Upfront, Frankly Speaking, Blueprint और NewsHour @9 & 10 जैसे प्रतिष्ठित कार्यक्रम उन दर्शकों के लिए अनिवार्य बन गए जो दिन के अंत में गहराई, संदर्भ और ठोस बहस चाहते थे।

Times Now.

दो दशकों की लीडरशिप और विरासत: Times Now की कहानी

मुंबई, 2 फरवरी 2026: जब Times Now ने 2006 में प्रसारण शुरू किया, तब भारतीय टेलीविजन समाचार जगत अपनी पहचान बना रहा था। खबरों की रफ्तार संतुलित थी, डिबेट्स सीमित थी और प्राइमटाइम अभी तक ऐसा मंच नहीं बना था जहां राष्ट्रीय संवाद को आकार दिया जाता था। एक अंग्रेजी न्यूज चैनल के रूप में शुरू हुई यह यात्रा अगले दो दशकों में इस बात को बदलने वाली साबित हुई कि भारत खबरों को कैसे देखता, समझता और उनसे जुड़ता है।

20 वर्ष पूरे करने के साथ, Times Now सिर्फ बदलाव का साक्षी नहीं, बल्कि उसका प्रेरक भी बनकर उभरा है।

शुरुआत से ही चैनल का उद्देश्य केवल घटनाओं की रिपोर्टिंग करना नहीं था। उसने सोच को बढ़ाने, जड़ता को चुनौती देने और चर्चाओं को सतह से आगे ले जाने का प्रयास किया। समय के साथ यही दृष्टिकोण Times Now को तीखी बहसों, लगातार सवाल पूछने और ऐसी पत्रकारिता के लिए पहचाना जाने वाला मंच बना गया, जो केवल क्या हुआ नहीं बल्कि अब क्या होना चाहिए भी पूछता है। इस तरह चैनल ने जनचर्चा को दिशा देने और जवाबदेही को प्राइमटाइम के केंद्र में रखने में भूमिका निभाई।

इस यात्रा के मूल में एक स्पष्ट संपादकीय विश्वास रहा है- पत्रकारिता को परिणामों की मांग करनी चाहिए। न्यूजरूम में इसे पॉजिटिविव प्रोवोकेशन के नाम से जाना जाता है। इसी सोच ने सत्ता से असहज सवाल पूछने वाली कवरेज को प्रेरित किया। यही दृष्टि चैनल के प्रभावशाली अभियानों का आधार बनी- End VIP Raj, Swachh Neta, End Triple Talaq, Right to Pray और Path to Life। इनमें से कई पहलें न्यूजरूम की चर्चाओं से शुरू होकर जनभावना और नीतिगत बहसों तक पहुुंचीं।

दर्शकों के बदलते रुझानों के साथ Times Now की प्राइमटाइम प्रस्तुति भी विकसित हुई। The Newshour, India Upfront, Frankly Speaking, Blueprint और NewsHour @9 & 10 जैसे प्रतिष्ठित कार्यक्रम उन दर्शकों के लिए अनिवार्य बन गए जो दिन के अंत में गहराई, संदर्भ और ठोस बहस चाहते थे।

20 साल की लीडरशिप और विरासत का जश्न मनाने के लिए चैनल प्रभावशाली हस्तियों के साथ विशेष संवादों की श्रृंखला प्रस्तुत कर रहा है, जिनमें दिग्गज क्रिकेटर कपिल देव और अभिनेता विक्रांत मैसी सहित कई नाम शामिल हैं।

इस उपलब्धि पर टिप्पणी करते हुए द टाइम्स ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर विनीत जैन ने कहा, “बीस साल पहले जब Times Now ने अपनी यात्रा शुरू की, तब भारत का मीडिया परिदृश्य बिल्कुल अलग था। खबरें अलग रफ्तार से चलती थीं, स्क्रीन कम थीं और अपेक्षाएं सरल थीं। तब भी एक विश्वास अडिग था- भारत को ऐसी पत्रकारिता चाहिए जो निडर, विश्वसनीय और सच्चाई में गहराई से निहित हों। आज जब Times Now 20 वर्ष का हो रहा है, मुझे गर्व है कि यह विश्वास न केवल कायम रहा बल्कि और मजबूत हुआ है। पिछले दो दशकों में Times Now ने भारत के आधुनिक इतिहास के कई निर्णायक क्षणों को देखा और उन्हें आकार भी दिया। एक उभरते अंग्रेजी चैनल से घर-घर पहचाने जाने वाले नाम बनने तक की यात्रा विश्वास, निरंतरता और सार्थकता की खोज का परिणाम है। भविष्य की पत्रकारिता को तेज अंतर्दृष्टि, त्वरित अनुकूलन, गहरी कहानी कहने की कला और दर्शकों के साथ मजबूत भरोसे की जरूरत होगी। Times Now को डिजिटल इनोवेशन अपनाते हुए, युवा पत्रकारों को अवसर देते हुए और अपने मूल्यों पर अडिग रहते हुए आगे बढ़ना होगा।”

टाइम्स टेलीविजन नेटवर्क के सीईओ और मीडिया एवं एंटरटेनमेंट के चीफ ग्रोथ ऑफिसर आशीष सहगल ने कहा, “Times Now एक अलग पहचान वाला ब्रॉडकास्ट चैनल है। वर्षों से इसने अपनी प्रतिबद्धता, रिकॉर्ड बनाने वाले कंटेंट और पुरस्कार विजेता पत्रकारिता के बल पर प्रतिस्पर्धा में अग्रणी स्थान बनाए रखा है। इसकी लीडरशिप टीम की दृढ़ता, लचीलापन और एकजुटता का प्रमाण है, साथ ही उन दर्शकों के भरोसे का भी, जो Times Now को भारत और दुनिया में बदलाव के माध्यम के रूप में देखते हैं।”

Times Now और Times Now नवभारत की ग्रुप एडिटर-इन-चीफ नविका कुमार, जो चैनल की स्थापना से जुड़ी रही हैं, ने कहा,

“भारत के न्यूज हेडक्वार्टर के रूप में 20 वर्ष पूरे करने पर हम उस यात्रा को सलाम करते हैं जो विश्वसनीय, निडर और परिणामोन्मुख पत्रकारिता से परिभाषित होती है। शुरुआत से ही Times Now ने केवल खबरें देने से आगे बढ़कर सच को केंद्र में रखते हुए जनता को सशक्त किया और सत्ता से जवाबदेही सुनिश्चित की। ‘Keeping Bharat Ahead’ के दो दशकों के संकल्प के साथ, चैनल ने जागरूक नागरिकता को बढ़ावा दिया और राष्ट्रीय विमर्श को दिशा दी। हमारा उद्देश्य कभी कहानी बनना नहीं, बल्कि नागरिकों को सत्ता के गलियारों से जुड़ी कहानियों के माध्यम से सशक्त बनाना रहा है। टीम Times Now को 20 वर्षों की अथक सार्वजनिक सेवा और प्रभावशाली कहानी कहने के लिए बधाई देते हुए मैं यह दोहराती हूं कि हमारी प्रतिबद्धता आगे भी जारी रहेगी।”

20 साल का एक्शन! एजेंडा तय करने से लेकर राष्ट्र को सशक्त बनाने तक, Times Now ने भारतीय न्यूज ब्रॉडकास्टिंग को नई परिभाषा दी है। विश्वसनीय। निडर। स्वतंत्र। ऐसी पत्रकारिता के दो दशक पूरे होने का जश्न, जो मायने रखती है।”

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शिशुपाल कुमार
शिशुपाल कुमार author

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय ... और देखें

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