Trimbakeshwar temple : नासिक स्थित त्र्यंबकेश्वर मंदिर परिसर का मंगलवार को शुद्धिकरण किया गया। पंडितों ने गोमुत्र, गंगा-गोदावारी के जल से मंदिर का शुद्धिकरण किया। शुद्धिकरण के बाद महा आरती का आयोजन हुआ। इस दौरान मंदिर परिसर में जुटे शिव भक्तों एवं शद्धालुओं ने 'हर हर महादेव' का नारा लगाया। बता दें कि गत 13 मई को कुछ मुस्लिम युवक मंदिर में जबरन घुसे और वहां कथित रूप से हरा चादर चढ़ाकर हिंदू आस्था को अपमानित करने की कोशिश की। मंदिर परिसर के बाहर एक बोर्ड लगा है जिस पर लिखा है कि मंदिर में केवल हिंदुओं के प्रवेश के इजाजत है।
क्या है मामला
बीते शनिवार को त्र्यंबकेश्वर मंदिर में दूसरे धर्म के कुछ युवा मंदिर में जबरन घुसने की कोशिश की। हालांकि मंदिर के सुरक्षाकर्मियों की मुस्तैदी से वह सफल नहीं हो सके। त्र्यंबकेश्वर मंदिर भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है और करोड़ों लोगों की इस मंदिर में आस्था है। इस घटना के बाद हिंदू संगठन एवं धर्मावलंबी आरोपियों के खिलाफ हमलावर हुए और उन पर कार्रवाई करने की मांग की। मंदिर को कथित रूप से अपवित्र करने की घटना पर हिंदू समुदाय में काफी नाराजगी देखी जा रही है।
पिछले साल भी हुई थी इस तरह की घटना
हिंदू आस्था के साथ खिलवाड़ और मामले की गंभीरता को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार हरकत में आई। राज्य के डिप्टी सीएम देवेंद्र फड़णवीस ने इस घटना की जांच के लिए विशेष जांच टीम (SIT) बनाने का आदेश दिया। पिछले साल भी इस मंदिर में ऐसी ही घटना सामने आई थी।
पिछले साल की घटना की भी जांच करेगी SIT
मंदिर न्यास के एक अधिकारी ने सोमवार को बताया कि त्र्यंबकेश्वर मंदिर के सुरक्षाकर्मियों ने शनिवार रात लोगों के एक समूह के मंदिर में प्रवेश करने के प्रयास को विफल कर दिया। फडणवीस के कार्यालय ने एक बयान में कहा कि अतिरिक्त महानिदेशक (एडीजी) रैंक का एक अधिकारी एसआईटी का प्रमुख होगा। बयान में कहा गया, "एसआईटी न केवल इस घटना की जांच करेगी, बल्कि इसी तरह की एक अन्य घटना की भी जांच करेगी जो पिछले साल उसी मंदिर में हुई थी।"
