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जेवर एयरपोर्ट का 80 फीसदी काम हुआ पूरा, जून में हो सकता है ट्रायल, जानिए फुल डिटेल्स

  • Authored by: अमित कुमार मंडल
  • Updated Mar 21, 2024, 02:04 PM IST

गौतम बुद्ध नगर के जेवर के पास विकसित किया जा रहा नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा साल 2024 के अंत तक कमर्शियल परिचालन शुरू कर देगा।

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तेजी से पूरा हो रहा नोएडा एयरपोर्ट

Photo : PTI

Noida International Airport: जेवर में ग्रीनफील्ड नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का निर्माण कार्य जोरों से चल रहा है। इसके इसी साल के अंत तक संचालन शुरू करने की योजना है। इसके निर्माण की देखरेख करने वाली एजेंसी नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (NIAL) ने मंगलवार को कहा है कि हवाई अड्डे पर ट्रायल रन जून के अंत तक शुरू होने की उम्मीद है क्योंकि परियोजना का लगभग 80% काम पूरा हो चुका है। मामले से परिचित अधिकारियों ने कहा कि एनआईएएल ने पिछले हफ्ते हुई एक बैठक में उत्तर प्रदेश सरकार को बताया कि रनवे पूरा हो चुका है और कुल मिलाकर, परियोजना पर 80% काम अब खत्म हो चुका है।

जून के अंत तक ट्रायल शुरू होगा

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, एनआईएएल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अरुण वीर सिंह ने कहा, हमने उत्तर प्रदेश सरकार को सूचित किया है कि तकनीकी उपकरणों सहित बाकी जरूरी सुविधाएं अगले तीन महीनों में स्थापित की जाएंगी। हमारा लक्ष्य जून के अंत या जुलाई की शुरुआत तक रनवे पर ट्रायल रन शुरू करना है। हमारा लक्ष्य सितंबर 2024 के अंत तक हवाई अड्डे पर उड़ान संचालन शुरू करना है।

अब तक 7371.51 करोड़ रुपये खर्च

एनआईएएल ने राज्य सरकार को यह भी सूचित किया है कि ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे पर अब तक ₹10,056 करोड़ के बजट में से कम से कम ₹7371.51 करोड़ खर्च किए जा चुके हैं। एनआईएएल के अधिकारियों ने कहा कि उड़ान से संबंधित उपकरण अप्रैल 2024 में रनवे और एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) टावर पर स्थापित किए जाएंगे क्योंकि एटीसी पर अधिकांश सिविल कार्य पूरा हो चुका है और फिनिशिंग टच चल रहा है।

मेट्रो लाइन बनाने को कहा

राज्य सरकार ने एनआईएएल और यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (Yeida) सहित स्थानीय एजेंसियों से नोएडा हवाई अड्डे से दिल्ली/राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के बाकी हिस्सों तक कनेक्टिविटी प्रदान करने के लिए एक मेट्रो लाइन बनाने के लिए कहा है। अधिकारियों ने कहा कि इसके लिए, यीडा ने एक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने के लिए पहले ही दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन की मदद ले ली है ताकि व्यवहार्यता का अध्ययन किया जा सके। अधिकारियों ने कहा कि मेट्रो और सड़क कनेक्टिविटी के अलावा, राज्य हवाई अड्डे को एनसीआर के बाकी हिस्सों से जोड़ने के लिए पॉड टैक्सी सिस्टम और रैपिड रेल कॉरिडोर बनाने का विकल्प भी तलाश रहा है।

जानिए बड़ी बातें

  • गौतम बुद्ध नगर के जेवर के पास विकसित किया जा रहा नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा साल 2024 के अंत तक कमर्शियल परिचालन शुरू कर देगा।
  • इस हवाई अड्डे से 65 उड़ानें संचालित होंगी।
  • 65 उड़ानों में से 25 घरेलू श्रेणी की होंगी और मुंबई, कोलकाता और बेंगलुरु जैसे महत्वपूर्ण शहरों से जुड़ेंगी।
  • इसके अलावा कुल 37 उड़ानें क्षेत्रीय श्रेणी की होंगी और ये उन छोटे शहरों में जाएंगी जहां विमान कम उड़ान भरते हैं।
  • रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसके अलावा दो अंतरराष्ट्रीय उड़ानें और एक कार्गो जेट भी नोएडा हवाई अड्डे से संचालित होगा।
  • तकनीकी-आर्थिक व्यवहार्यता रिपोर्ट (टीईएफआर) के अनुसार, अपने शुरुआती वर्ष में एयरपोर्ट का इस्तेमाल लगभग 50 लोगों द्वारा किए जाने की उम्मीद है।

दिल्ली एयरपोर्ट से कितनी दूर

जेवर में ये 1,334 हेक्टेयर में फैला हुआ क्षेत्र है और एनसीआर और पश्चिमी यूपी से सड़क मार्ग से यहां पहुंचा जा सकता है। यह आईजीआई हवाई अड्डे से 72 किमी., नोएडा से 40 किमी. और आगरा से 130 किमी. दूर है। इसके अलावा, राज्य राजमार्ग 22ए, जो पलवल और अलीगढ़ को जोड़ता है, 30 किलोमीटर दूर है, जबकि यमुना एक्सप्रेस-वे 700 मीटर दूर है।

अमित कुमार मंडल
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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