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Snowfall in Jammu-Kashmir: भारी बर्फबारी से जम गए रेलवे ट्रैक, जम्मू-कश्मीर में ठप हुईं ट्रेनें; बर्फ की सिल्ली हुईं सड़कें

Snowfall in Jammu-Kashmir: जम्मू-कश्मीर में भारी बर्फबारी होने से बनिहाल-बारामुल्ला खंड पर ट्रेन सेवाएं स्थगित कर दी गई हैं। ट्रेनों की आवाजाही शुरू होने से पहले एक डब्ल्यूडीएम इंजन के साथ एक 'स्नो कटर' को ट्रैक पर चलाया जाएगा।

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बनिहाल-बारामुल्ला खंड पर ट्रेनें ठप (फाइल फोटो)

Snowfall in Jammu-Kashmir: जम्मू-कश्मीर के ज्यादातर क्षेत्रों में भारी बर्फबारी का दौर जारी है। बर्फबारी से सड़क यातायात और रेलवे सेवाएं प्रभावित हैं। सड़क मार्ग के बंद होने से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पटरियों पर भारी बर्फ जमा हो जाने के कारण शनिवार को बनिहाल-बारामूला खंड पर ट्रेन सेवाएं स्थगित कर दी गई हैं। पटरियों से बर्फ हटाने के प्रयास जारी हैं। अधिकारियों ने बताया कि रेल की पटरी पर भारी बर्फ जमा होने और लगातार हिमपात के कारण बनिहाल-बारामूला खंड पर ट्रेन सेवाएं शनिवार दोपहर एक बजे तक स्थगित रहेंगी।उन्होंने बताया कि ट्रेनों की आवाजाही शुरू होने से पहले एक डब्ल्यूडीएम इंजन के साथ एक 'स्नो कटर' को ट्रैक पर चलाया जाएगा। इन सेवाओं के प्रभावित होने से लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर सैकड़ों वाहन फंसे

भारी बर्फबारी के कारण शनिवार को घाटी में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। पीर पंजाल सुरंग और श्रीनगर शहर के बीच जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर सैकड़ों वाहन फंसे रहे। शुक्रवार दोपहर को भारी बर्फबारी शुरू हो गई, जो शनिवार सुबह तक जारी रही। सड़क पर अत्यधिक फिसलन से पीर पंजाल सुरंग और श्रीनगर शहर के बीच सैकड़ों वाहन अटके पड़े हैं। भारी बर्फबारी और शून्य से नीचे के तापमान के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग पर बर्फ की मोटी चादर जम गई। जिसकी वजह से हाइवे पर गाड़ियां कई घंटों तक सुरंग के अंदर फंसी रहीं। स्थानीय अधिकारी सड़क पर फंसी हुई गाड़ियों को निकालने के लिए काफी प्रयास कर रहे थे, लेकिन बर्फबारी के कारण वाहन लगातार कई घंटों तक फंसे रहे।

बर्फ हटाने वाली मशीनें लगीं

कुलगाम और अनंतनाग जिलों में वरिष्ठ नागरिक और पुलिस अधिकारी बर्फ हटाने वाली मशीनों के साथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर फंसे वाहनों को निकालने के लिए पहुंचे। शनिवार सुबह तक यातायात पूरी तरह से बहाल नहीं हो सका। श्रीनगर शहर और अन्य जिलों जैसे बडगाम, गांदरबल, बांदीपोरा, बारामुल्ला, कुपवाड़ा, पुलवामा, अनंतनाग, कुलगाम और शोपियां में भारी बर्फबारी के कारण सभी सड़कें बंद हो गईं। बर्फ हटाने वाली मशीनों को सुबह भेजा गया ताकि यातायात बहाल किया जा सके। श्रीनगर शहर के कुछ हिस्सों को छोड़कर बिजली आपूर्ति पूरी तरह से बंद हो गई। भारी बर्फबारी के कारण बिजली के खंभे उखड़ गए, ट्रांसमिशन लाइनें टूट गईं और बिजली ग्रिड बाधित हो गए।

हालांकि इस बर्फबारी से स्थानीय लोग काफी खुश हैं। क्योंकि लंबे समय से सूखा चल रहा था और लोग अब अच्छी फसल की उम्मीद कर रहे है। पिछले चार महीनों में बारिश न होने के कारण घाटी के अधिकांश झरने और कुएं सूख गए थे। श्रीनगर शहर और आसपास के इलाकों में यह मौसम की पहली बर्फबारी थी। बर्फबारी से घाटी में छुट्टियां मना रहे पर्यटकों के चेहरे भी खिल उठे। गुलमर्ग, पहलगाम, सोनमर्ग और अन्य पर्यटन स्थलों में करीब 10 इंच ताजा बर्फबारी हुई है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में और बर्फबारी और बारिश का अनुमान जताया है।

कश्मीर में माइनस तापमान

कश्मीर के प्रवेशद्वार काजीगुंड में शुक्रवार को न्यूनतम तापमान शून्य से 6.9 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया, जबकि पंपोर क्षेत्र का एक छोटा सा गांव कोनीबल शून्य से 9.5 डिग्री सेल्सियस नीचे तापमान के साथ घाटी का सबसे ठंडा इलाका रहा। उत्तर कश्मीर के कुपवाड़ा में न्यूनतम तापमान शून्य से 6.4 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया जबकि कोकेरनाग में यह शून्य से 4.8 डिग्री सेल्सियस नीचे रहा। मौसम विभाग के अनुसार, 29 से 31 दिसंबर तक यहां मौसम के मुख्यतः शुष्क रहने की संभावना है और एक से पांच जनवरी तक कश्मीर में छिटपुट स्थानों पर हल्की बर्फबारी के आसार हैं। मौसम विभाग ने बताया कि सोमवार तक तापमान में कुछ सुधार हो सकता है। कमोबेश यही हाल आज भी हैं।

हिमाचल में बर्फ से ढकीं सड़कें

कमोबेश यही हाल अन्य पहाड़ी राज्यों का है। 27 दिसंबर को बर्फबारी के कारण सोलंग नाला में करीब 1000 पर्यटक और अन्य वाहन फंस गए थे। इन वाहनों में करीब 5000 पर्यटक सवार थे। कुल्लू पुलिस ने वाहनों और पर्यटकों को बचाकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया है। बचाव अभियान अभी भी जारी है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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