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Train Accident: तेलंगाना के पेद्दापल्ली में मालगाड़ी की 11 बोगी पटरी से उतरी, आवाजाही बाधित

Train Accident in Telangana: तेलंगाना के पेद्दापल्ली में मालगाड़ी दुर्घटना के चलते यात्रियों का भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा है। मालगाड़ी के 11 डिब्बे पटरी से उतर गए, जिसके चलते ट्रेनों की आवाजाही बाधित हो गई। तेमालगाड़ी के पटरी से उतर जाने के कारण वहां 20 यात्री ट्रेनों को रद्द करना पड़ा।

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तेलंगाना के पेद्दापल्ली में मालगाड़ी की ग्यारह बोगी पटरी से उतर गई।

Breaking News: तेलंगाना के पेद्दापल्ली जिले में एक मालगाड़ी के पटरी से उतर जाने के कारण वहां 20 यात्री ट्रेनों को रद्द करना पड़ा। दक्षिण मध्य रेलवे (एससीआर) के अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। एससीआर के अधिकारियों ने बताया कि मंगलवार देर रात लौह अयस्क ले जा रही मालगाड़ी के 11 डिब्बे राघवपुरम और रामागुंडम के बीच पटरी से उतर गए।

गाजियाबाद से काजीपेट जा रही थी मालगाड़ी

तेलंगाना के पेद्दापल्ली में मालगाड़ी की ग्यारह बोगी पटरी से उतर गई, जिससे कई ट्रेनों के आगमन में भारी रुकावट आई है। गाजियाबाद से काजीपेट तक लोहे की कॉइल लेकर जा रही एक मालगाड़ी पेद्दापल्ली जिले में राघवपुर और कन्नाल के बीच पटरी से उतर गई और इस के ग्यारह बोगी पटरी से गिर गए।

मुख्य रेलवे लाइन पर ट्रेनों की आवाजाही बाधित

इस दुर्घटना के चलते दिल्ली और चेन्नई की मुख्य रेलवे लाइन पर ट्रेनों की आवाजाही बाधित हो गई और दोनों तरफ ट्रेनें रुक गईं। सुपरफास्ट एक्सप्रेस ट्रेनों के साथ-साथ एक्सप्रेस, पैसेंजर ट्रेन और मालगाड़ियां जहां-तहां ट्रैक पर फंसी रहीं। सूचना मिलने के बाद रेलवे कर्मचारी मौके पर पहुंचे और मार्ग को खोलने के उपाय किये जा रहे हैं।

इस रूट की 20 यात्री ट्रेनें कर दी गईं रद्द

एससीआर जोन की ओर से जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि मालगाड़ी के पटरी से उतर जाने के कारण 20 यात्री ट्रेनें रद्द कर दी गईं, जिनमें से चार ट्रेन आंशिक रूप से रद्द की गईं और 10 के मार्ग में परिवर्तन किया गया। इसके अलावा दो ट्रेनों का समय बदल दिया गया और तीन को गंतव्य पर पहुंचने से पहले रोक दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि पटरी को दुरुस्त करने और रेल यातायात बहाल करने के प्रयास जारी हैं।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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