उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन ने तीर्थयात्रियों और स्थानीय लोगों की आवाजाही को सुरक्षित और आसान बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। प्रशासन ने जिले की सभी खराब और क्षतिग्रस्त सड़कों को ठीक करने के लिए 'गड्ढा मुक्त सड़क अभियान' की शुरुआत की है। इस अभियान का लक्ष्य 15 अक्टूबर तक सभी सड़कों को पूरी तरह दुरुस्त करना है।
15 सितंबर तक टेंडर प्रक्रिया होगी पूरी
रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी (DM) विशाल मिश्रा ने बताया कि अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि सड़कों की मरम्मत का काम तय समय में पूरा कर लिया जाए। उन्होंने कहा कि गड्ढों की मरम्मत के लिए 15 सितंबर तक टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। इसके बाद सड़कों की मरम्मत का काम शुरू करके 15 अक्टूबर तक इसे पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है।
डीएम ने बताया कि जिला स्तर के अधिकारियों को खराब और ज्यादा गड्ढों वाली सड़कों की निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है। इन सड़कों को प्राथमिकता के आधार पर ठीक किया जाएगा। मरम्मत के बाद सड़क की गुणवत्ता की भी टेस्टिंग होगी। उन्होंने कहा कि काम की गुणवत्ता पर नजर रखने के लिए थर्ड पार्टी रिपोर्ट भी ली जाएगी। इससे यह पता लगाया जाएगा कि मरम्मत कार्य तय मानकों के अनुसार हुआ है या नहीं।
केदारनाथ मार्ग अभी भी बंद
दूसरी ओर, खराब मौसम और लगातार बारिश के कारण केदारनाथ धाम का रास्ता फिलहाल बंद है। रविवार को चीरबासा हेलीपैड के पास पहाड़ी से मलबा और पत्थर गिरने के बाद प्रशासन ने यात्रियों की आवाजाही पर रोक लगा दी है। रुद्रप्रयाग पुलिस के मुताबिक, लगातार बारिश और पत्थर गिरने के कारण फिलहाल रास्ते को साफ करना सुरक्षित नहीं है। यात्रा को अभी अस्थायी रूप से रोक दिया गया है और केदारनाथ जाने वाले श्रद्धालुओं को सोनप्रयाग व गौरीकुंड में रोका गया है। वहीं वापस लौट रहे यात्रियों को जंगलचट्टी में रुकने के लिए कहा गया है। प्रशासन का कहना है कि मौसम सामान्य होने और रास्ता सुरक्षित होने के बाद ही यात्रा दोबारा शुरू की जाएगी।
