देश

Hindi Diwas 2026: अमित शाह बोले- हिंदी की प्रगति तभी सार्थक है जब अन्य भारतीय भाषाओं को भी बढ़ावा और संरक्षण मिले

Hindi Diwas Message To Youth Amit Shah: हिंदी दिवस 2026 पर गृह मंत्री अमित शाह ने देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने युवाओं से ग्लोबल भाषाएं सीखने के साथ अपनी मातृभाषा से जुड़े रहने का आह्वान किया।

Image

हिंदी सभी भारतीय भाषाओं को साथ लेकर आगे बढ़ रही, टेक्नोलॉजी व रिसर्च की भाषा के रूप में उभर रही: अमित शाह

Amit Shah Hindi Diwas 2026 Speech:केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को कहा कि हिंदी की प्रगति तभी सार्थक है जब वह अन्य भारतीय भाषाओं के सम्मान, प्रचार-प्रसार और संरक्षण को सुनिश्चित करते हुए आगे बढ़े। शाह ने हिंदी दिवस के अवसर पर लोगों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारत भाषाई विविधता व सांस्कृतिक समृद्धि की भूमि है और देश की कई भाषाएं उसकी कमजोरी नहीं बल्कि ताकत हैं।

शाह ने एक संदेश में कहा, 'हर कोई कहता है कि हमारी भाषाएं विविध हैं। यह हमारी कमजोरी है, लेकिन मेरा मानना है कि हमारी सबसे बड़ी ताकत यह है कि हमारे पास इतनी सारी भाषाएं हैं।' उन्होंने कहा कि हर भाषा अपने साथ एक इतिहास, लोक परंपराएं और जीवन-दृष्टि लेकर आती है और युवा पीढ़ी के मूल्यों को आकार देने में योगदान देती है। उन्होंने कहा, 'हमारी भाषाई विविधता भारत में ’विविधता में एकता’ की भावना को मजबूत करती है।'

'भाषा केवल बातचीत का माध्यम नहीं'

शाह ने कहा कि भाषा केवल बातचीत का माध्यम नहीं बल्कि किसी समाज की 'स्मृति' और 'आत्म-बोध' होती है। उन्होंने कहा कि हिंदी ने बातचीत, जुड़ाव और समन्वय की भाषा के रूप में देश के विभिन्न वर्गों और समुदायों को जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

शाह ने कहा, 'हिंदी की प्रगति तभी सार्थक है जब वह अन्य भारतीय भाषाओं के सम्मान, बढ़ावा और संरक्षण को सुनिश्चित करते हुए आगे बढ़े।' उन्होंने कहा कि हिंदी को किसी एक भाषा के प्रतिनिधि के तौर पर नहीं, बल्कि भारत की भाषाओं और राष्ट्रीय एकता के बीच एक अहम कड़ी के तौर पर देखा जाना चाहिए।

शाह ने कहा कि उनकी अपनी मातृभाषा गुजराती है लेकिन हिंदी उन्हें देश के अलग-अलग हिस्सों में लोगों से सीधे जुड़ने में मदद करती है। हिंदी दिवस हर साल 14 सितंबर को मनाया जाता है क्योंकि इसी दिन 1949 में संविधान सभा ने हिंदी को आधिकारिक भाषा के तौर पर अपनाया था।

शाह ने युवाओं से अपनी भाषा को छोड़े बिना दुनिया से जितना हो सके उतना सीखने और माता-पिता से अपने बच्चों के साथ अपनी मातृभाषा में बात करने की अपील भी की।

उन्होंने कहा, 'भाषा ही हमें हमारी मां, हमारी मिट्टी, हमारे इतिहास और हमारी संस्कृति से जोड़ती है।'

Nitin Arora
नितिन अरोड़ाauthor

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदेश की बड़ी घटनाओं और समसामयिक मुद्दों को गहराई से समझकर उन्हें सटीक और सरल भाषा में प्रस्तुत करने में माहिर हैं। उन्होंने अपने करियर में लगातार करंट अफेयर्स, पॉलिटिकल डेवलपमेंट्स, डिप्लोमैटिक घटनाएं और डिफेंस सेक्टर से जुड़े विषयों पर प्रभावशाली कॉन्टेंट तैयार किया है और अबतक 6 हजार से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। विभिन्न टॉपिक्स पर एक्सप्लेनेर, डेटा-आधारित रिपोर्ट्स और विश्लेषणात्मक कॉपी लिखने में उनकी मजबूत पकड़ है।

और पढ़ें
End of Article