Amit Shah Hindi Diwas 2026 Speech: हिंदी दिवस 2026 के अवसर पर केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए एक विशेष संदेश जारी किया है। गृह मंत्री ने स्पष्ट किया कि राजभाषा हिंदी देश की सभी भारतीय भाषाओं को साथ लेकर आगे बढ़ रही है और जन-संचार, सुशासन व राष्ट्रीय एकता में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
इसके साथ ही उन्होंने देश के युवाओं को अपनी भाषाई जड़ों और संस्कृति से मजबूती से जुड़े रहने की प्रेरणा दी।
1. तकनीक और अनुसंधान की भाषा बनी हिंदी
अमित शाह ने रेखांकित किया कि आधुनिक युग में हिंदी सिर्फ संवाद का माध्यम नहीं रही, बल्कि तकनीक और ज्ञान-विज्ञान के क्षेत्र में भी तेजी से आगे बढ़ रही है:
तकनीकी समावेश: एआई (AI), डिजिटल टूल्स और आधुनिक सॉफ़्टवेयर के जरिए हिंदी अब प्रौद्योगिकी और शोध की भाषा के रूप में स्थापित हो रही है।
राजभाषा से लोकभाषा: हिंदी देश में सुशासन (Good Governance) को पारदर्शी बनाने और आम जनमानस तक सरकारी योजनाओं को पहुँचाने का सशक्त माध्यम बनी है।
2. युवाओं को संदेश: 'ग्लोबल भाषाएं सीखें, लेकिन अपनी भाषा का त्याग न करें'
गृह मंत्री ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि किसी भी विदेशी भाषा को सीखने में कोई बुराई नहीं है, लेकिन अपनी मातृभाषा को भूलना या छोड़ना गलत है:
मातृभाषा और मौलिक सोच: उन्होंने कहा कि मौलिक विचार, नवाचार और बौद्धिक क्षमता का विकास व्यक्ति की अपनी भाषा में ही सबसे बेहतर तरीके से होता है।
हीन्ता की भावना त्यागें: भाषा क्षमता का पैमाना है, ज्ञान का नहीं। किसी विदेशी भाषा या अंग्रेजी को न जानने से किसी व्यक्ति की योग्यता कम नहीं होती।
3. सभी भारतीय भाषाओं की सहचरी है हिंदी
अमित शाह ने पुन: स्पष्ट किया कि हिंदी और अन्य भारतीय भाषाओं (जैसे तमिल, तेलुगु, मराठी, बंगाली आदि) के बीच कोई प्रतिस्पर्धा या विरोध नहीं है।
एकता का सूत्र: हिंदी सभी भारतीय भाषाओं की मित्र और पूरक है।
सामूहिक विकास: जब देश की सभी भाषाएं मजबूत होंगी, तभी भारत का सर्वांगीण विकास संभव हो सकेगा।
