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बंगाल में कांग्रेस को मिलेगा 'ममता दीदी' का साथ? अभिषेक बनर्जी ने दिया ऐसा जवाब; ग्रैंड ओल्ड पार्टी को मिर्ची लगना तय!

Bengal Assembly Elections: तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने बुधवार को कहा कि पश्चिम बंगाल में चुनाव जीतने के लिए उनकी पार्टी को कांग्रेस की जरूरत नहीं है। अभिषेक बनर्जी ने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने (कांग्रेस ने) दो सीट पर जीत हासिल की, हमने उन्हें प्रस्ताव दिया, उन्होंने ठुकरा दिया और परिणाम सबके सामने हैं

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तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी (फोटो साभार: @AITCofficial)

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Bengal Assembly Elections: तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने बुधवार को कहा कि पश्चिम बंगाल में चुनाव जीतने के लिए उनकी पार्टी को कांग्रेस की जरूरत नहीं है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि तृणमूल अब भी 'इंडिया' गठबंधन का हिस्सा है।

गठबंधन पर कौन लेगा फैसला?

पार्टी नेता ने नई दिल्ली में मीडिया से कहा कि कांग्रेस के साथ गठबंधन पर कोई भी फैसला पार्टी सुप्रीमो और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी लेंगी। अभिषेक बनर्जी ने अगले साल होने वाले पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस के साथ गठबंधन की संभावना के बारे में पूछे जाने पर कहा, “मैंने यह पहले भी कहा है, जब पार्टी कोई फैसला लेगी, तो आपको पता चल जाएगा। फिलहाल, बंगाल में कांग्रेस के पास ऐसा कुछ नहीं है जिसकी हमें जरूरत हो या जो वह हमें दे सके।”

'कांग्रेस ने ठुकराया था हमारा प्रस्ताव'

अभिषेक बनर्जी ने कहा, “2024 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने (कांग्रेस ने) दो सीट पर जीत हासिल की, हमने उन्हें प्रस्ताव दिया, उन्होंने ठुकरा दिया और परिणाम सबके सामने हैं। उनकी सीट दो से घटकर एक रह गईं। आगे क्या होगा, यह पूरी तरह मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के फैसले पर निर्भर करेगा।”

अभिषेक बनर्जी ने इस बात पर जोर दिया कि उनकी पार्टी को चुनाव जीतने के लिए कांग्रेस की जरूरत नहीं है। उन्होंने मनरेगा का नाम बदलने के लिए भी केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि योजना का नाम बदलने से कोई फायदा नहीं होगा।

अभिषेक बनर्जी ने क्या कुछ कहा

अभिषेक बनर्जी ने कहा कि केंद्र सरकार को पश्चिम बंगाल को बकाया राशि का भुगतान करना चाहिए। अभिषेक बनर्जी ने भाजपा पर बंगाल विरोधी होने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि गांधीजी को ‘महात्मा’ की उपाधि रवींद्रनाथ टैगोर ने दी थी, इसलिए ग्रामीण रोजगार योजना से गांधीजी का नाम हटाना बंगाल विरोधी है।

तृणमूल नेता ने कहा, “उन्होंने पश्चिम बंगाल को चार-पांच साल से पैसा देना बंद कर दिया है। योजना का नाम बदलने से कोई फायदा नहीं होगा। जवाबदेही कहां है? केंद्र सरकार की विशेष अनुमति याचिका को उच्चतम न्यायालय ने खारिज कर दिया था।” उन्होंने कहा, “महात्मा गांधी का नाम हटाना यह दर्शाता है कि भाजपा सरकार और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी उन्हें कितना महत्व देते हैं।”

Anurag Gupta
अनुराग गुप्ताauthor

अनुराग गुप्ता टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और मीडिया में 9 वर्षों का अनुभव रखते हैं। जर्नलिज़्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से ही वे न्यूजरूम के विभिन्न आयामों—कॉपी एडिटिंग, कंटेंट क्यूरेशन और रियल-टाइम न्यूज मॉनिटरिंग में दक्षता के साथ काम कर रहे हैं। राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और ब्रेकिंग न्यूज पर उनकी मजबूत पकड़ है। अनुराग खबरों की बारीकियों को समझने, फैक्ट चेकिंग और स्टोरी के अहम पहलुओं को पाठकों तक सरल भाषा में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अब तक 10 हजार से अधिक खबरें प्रकाशित की हैं, जिनमें ब्रेकिंग अपडेट्स, एनालिटिकल कंटेंट, स्पेशल स्टोरीज और न्यूज एक्सप्लेनर्स शामिल हैं।

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