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TIME100 AI Influential Personalities: TIME की AI 2024 लिस्ट में तीन भारतीयों को मिली जगह, IT मिनिस्टर अश्विनी वैष्णव से लेकर ये नाम शामिल

TIME100 AI Influential Personalities: टाइम मैगजीन ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में सबसे ज्यादा प्रभाव डालने वाले लोगों के नाम शामिल किए हैं। इस लिस्ट में तीन भारतीयों केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव, बॉलीवुड अभिनेता अनिल कपूर और इंफोसिस के सह-संस्थापक और EkStep के चेयरमैन नंदन नीलेकणी का नाम शामिल है।

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टाइम मैगजीन ने AI के क्षेत्र में प्रभावशाली व्यक्तियों की सूची जारी की।

Photo : BCCL

TIME100 AI Influential Personalities: TIME मैगजीन ने साल 2024 में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जगत के सबसे प्रभावशाली लोगों की लिस्ट जारी की है। इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में सबसे ज्यादा प्रभाव डालने वाले लोगों के नाम शामिल किए हैं। इस लिस्ट में तीन भारतीयों के नाम भी शामिल हैं। TIME की लिस्ट में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव, बॉलीवुड अभिनेता अनिल कपूर और इंफोसिस के सह-संस्थापक और EkStep के चेयरमैन नंदन नीलेकणी का नाम शामिल है।

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव को आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के क्षेत्र में भारत के प्रयासों का नेतृत्व करने के लिए सूची में शामिल किया गया है। तो वहीं, बॉलीवुड अभिनेता अनिल कूपर का नाम कोर्ट में अनधिकृत एआई उपयोग पर एक ऐतिहासिक जीत के कारण इस सूची में शामिल किया गया है। वहीं, इंफोसिस के को-फाउंडर नंदन को एआई तकनीक के व्यावहारिक अनुप्रयोग पर ध्यान केंद्रित करने के लिए लिस्ट में जगह मिली है। तीनों भारतीयों को 'शेपर्स' श्रेणी में शामिल किया गया है।

अश्विनी वैष्णव

टाइम मैगजीन ने अश्विनी वैष्णव का नाम शामिल करते हुए कहा, उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दिशा में देश की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। टाइम ने कहा, भारत ने जुलाई में ग्लोबल इंडियाएआई शिखर सम्मेलन की मेजबानी की, जिसमें 2,000 से अधिक एआई विशेषज्ञों ने भाग लिया। इस शिखर सम्मेलन में वैष्णव ने AI प्रौद्योगिकी का लोकतंत्रीकरण करने की आवश्यकता पर जोर दिया। इसमें लिखा गया कि भारत सरकार ने अपने एआई क्षेत्र का समर्थन करने के लिए 1.2 बिलियन डॉलर से अधिक का आवंटन भी किया है। इसमें कहा गया है कि अश्विनी वैष्णव के नेतृत्व में भारत अगले 5 सालों में सेमीकंडक्टर मैन्युफैचरिंग करने वाले टॉप 5 देशों में शामिल होने की उम्मीद रखता है। ये मॉर्डन AI सिस्टम के लिए जरूरी कंपोनेंट है और भारत में इसकी शुरुआत हो चुकी है।

अनिल कपूर

टाइम मैगजीन ने बॉलीवुड एक्टर अनिल कपूर को भी इस सूची में शामिल किया है। मैगजीन में उनके बारे में लिखा गया है कि अनिल कपूर ने सितंबर में दिल्ली हाईकोर्ट में अनाधिकृत AI के इस्तेमाल के मामले में जीत हासिल की है। इस आदेश ने संस्थाओं को उनके व्यक्तिगत गुणों, छवि या आवाज़ का दुरुपयोग करने से रोक दिया था।

नंदन नीलेकणी

इस लिस्ट में टाइम मैगजीन ने नंदन नीलेकणी का नाम शामिल करते हुए कहा कहा है कि नीलेकणी आर्टिफीशियल इंटेलीजेंस की क्षमता के बारे में आशावादी हैं। उन्होंने EkStep के माध्यम से एआई तकनीक के व्यावहारिक अनुप्रयोगों पर ध्यान केंद्रित किया है।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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