हिंडनबर्ग की रिपोर्ट के बाद अडानी एंटरप्राइजेज को जबरदस्त झटका लगा है। शेयर मार्केट और अडानी का अमीरों की सूची में तीसरे से 33वें स्थान पर आ जाना नुकसान की तस्दीक भी कर रहा है। इस मामले में सियासत भी जोरशोर से जारी है। इन सबके बीच इंफोसिस के पूर्व निदेशक मोहनदास पई अडानी के समर्थन में उतरे। अब उन्होंने समर्थन में क्या कुछ कहा और क्यों कहा इससे पहले कांग्रेस के पूर्व नेता संजय झा ने कहा था कि अब तो अडानी को बाजार ने भी जवाब दे दिया है। इस विषय पर पीएम नरेंद्र मोदी कब बोलेंगे। इस विषय पर मोहनदास पई ने कहा कि अडानी की तरक्की असामान्य थी, और गिरावट इंतजार में था। असामान्य बढ़ोतरी के बाद एच फैक्टर काम कर गया। सेबी इस मामले की जांच कर रही है। किसी ने अपनी जमीर नहीं बेची। यह बाजार है, इस तरह की चीजें पहले भी हुई हैं आगे भी होगी। सेबी के रिपोर्ट का इंतजार करिए।
संजय झा बनाम मोहनदास पई
संजय झा ने ट्वीट कर लिखा था कि क्या आप सोचते हैं कि अडानी का नंबर दो पर पहुंचना सामान्य था। आखिर पीएम, वित्त मंत्री, सेबी, आरबीआई, डीआरआई कहां थे। मेरे दिमाग पर कोई बोझ नहीं है, लेकिन आपने अपना जमीर बेच दिया है, पई साब! और मुझे यकीन है कि आप भी इसे जानते हैं।या तो आप नरक के रूप में भयभीत हैं या आपकी नैतिकता लोचदार है। जो भी हो।
बताएं अडानी को सरकार ने कहां से दिया समर्थन
मोहनदास पई ने लिखा कि संजय जी डेटा और तथ्यों के साथ काम करें। कृपया हमें बताएं कि अडानी को सरकार ने कहां से समर्थन दिया है। सेबी द्वारा स्टॉक मूल्य के मुद्दों की जांच की जा रही है! अपने दिमाग को तब तक काम में लगाएं जब तक कि आपने इसे दरबार के लिए गिरवी न रखा हो। हिंडनबर्ग रिपोर्ट में स्टॉक हेरफेर के आरोपी अडानी समूह की बाजार नियामकों द्वारा जांच की जा रही है, जबकि विपक्षी दल सरकार की भूमिका पर सवाल उठा रहे हैं।
