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सावन के दूसरे सोमवार पर सीएम योगी ने लिखी 'पाती', कांवड़ यात्रा को बताया समरसता की पाठशाला; कांवड़ियों से की खास अपील

सावन के दूसरे सोमवार पर उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों के नाम संदेश लिखकर कांवड़ यात्रा को सामाजिक समरसता और सनातन संस्कृति का महापर्व बताया है। उन्होंने इस चिट्ठी में कांवड़ियों से खास अपील भी की है।

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कांवड़ियों के नाम सीएम योगी का संदेश (चित्र साभार: X/@myogiadityanath)

पवित्र सावन माह के दूसरे सोमवार के शुभ अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्यवासियों और देश भर से आ रहे करोड़ों शिवभक्तों के नाम एक 'पाती' लिखी है। अपने इस पत्र में मुख्यमंत्री ने कांवड़ यात्रा को केवल एक धार्मिक अनुष्ठान न मानकर इसे 'समाज, संस्कृति, अनुशासन और सामाजिक समरसता की जीवंत पाठशाला' बताया है।

'जाति, वर्ग और भाषा के भेद यहां गौण हो जाते हैं'

सीएम योगी ने पत्र में लिखा कि श्रावण मास में निकलने वाली कांवड़ यात्रा करोड़ों श्रद्धालुओं को एक ही शिवभक्ति के सूत्र में पिरोती है। आगे उन्होंने लिखा कि "इस यात्रा में हर शिवभक्त की पहचान केवल एक होती है-कांवड़िया। भगवा वस्त्र, कंधे पर कांवड़ और हृदय में भोलेनाथ के प्रति अटूट श्रद्धा। पैदल चलते कदम अलग-अलग हो सकते हैं, लेकिन सभी का अंतिम लक्ष्य एक ही है-महादेव का जलाभिषेक। यहां जाति, वर्ग, भाषा, क्षेत्र या आर्थिक स्थिति का भेद पूरी तरह समाप्त हो जाता है। कांवड़ यात्रा हमारी सनातन संस्कृति के समभाव और सामाजिक समरसता का सबसे सुंदर उदाहरण है।"

समुद्र मंथन और नीलकंठ का पौराणिक संदर्भ

मुख्यमंत्री ने कांवड़ यात्रा के पौराणिक महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि समुद्र मंथन के समय भगवान शिव ने सृष्टि की रक्षा के लिए विष (हलाहल) को अपने कंठ में धारण किया था। उस विष की उष्णता और जलन को शांत करने के लिए देवताओं ने पवित्र गंगाजल से उनका अभिषेक किया था। तभी से सावन में गंगाजल अर्पित करने की यह परंपरा अत्यंत पुण्यदायी मानी जाती है। उन्होंने आगे लिखा कि "तप से चरित्र दमकता है, सेवा से समाज संवरता है और एकता से राष्ट्र निखरता है।"

दिव्यांग शिवभक्तों का समर्पण देख भर आता है मन

कांवड़ियों की अटूट आस्था का जिक्र करते हुए सीएम योगी ने कहा कि जब वे सड़कों पर पैदल यात्रा कर रहे कई दिव्यांग शिवभक्तों को पूरे उत्साह और निष्ठा के साथ कांवड़ ले जाते देखते हैं, तो उनका मन श्रद्धा और आदर से भर उठता है। श्रद्धालुओं का यही अखंड विश्वास इस यात्रा की वास्तविक ताकत है।

उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से कांवड़ यात्रा को सुचारु बनाने के लिए किए गए इंतजामों की जानकारी देते हुए सीएम ने बताया कि आस्था पथ पर चल रहे कांवड़ियों के स्वागत में जगह-जगह पुष्पवर्षा की जा रही है। पूरे यात्रा मार्ग पर व्यवस्थित कांवड़ शिविर, शुद्ध पेयजल, मोबाइल शौचालय, प्रकाश और 24 घंटे चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई गई है। कांवड़ियों की सुरक्षित यात्रा के लिए प्रभावी ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया गया है और कंट्रोल रूम के माध्यम से सतत निगरानी रखी जा रही है।

सीएम योगी की कांवड़ियों से 3 बड़ी अपीलें

मुख्यमंत्री ने शिवभक्तों से यात्रा के दौरान सामाजिक उत्तरदायित्व निभाने का आग्रह किया। पहली अपील यह की कि कांवड़िये प्लास्टिक-मुक्त जीवन का संकल्प लें और यात्रा के दौरान पर्यावरण-अनुकूल सामग्री का ही प्रयोग करें। दूसरी अपील यह कि यदि यात्रा मार्ग पर कोई एंबुलेंस या स्कूली बच्चों का वाहन आता है, तो उसे तुरंत रास्ता दें। हमारी थोड़ी-सी सजगता किसी का जीवन बचा सकती है। तीसरी अपील करते हुए सीएम लिखते हैं कि कांवड़ यात्रा की आत्मा-श्रद्धा, अनुशासन, आत्मसंयम और सेवा भाव में निहित है। इसी गरिमा को बनाए रखकर भगवान शिव के 'लोकमंगल' के संदेश को आगे बढ़ाएं।

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

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