Amit Shah in Lok Sabha: लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस की पूर्ववर्ती सरकारों और खास तौर पर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह सरकार को निशाने पर लिया। अमित शाह ने कांग्रेस को निशाने पर लेते हुए लोकसभा में कहा, वे कल पूछ रहे थे कि पहलगाम के अपराधी कहां गए... आपके कार्यकाल के दौरान जो लोग छिपे हुए थे, उन्हें आज ढूंढ-ढूंढ कर मारा जा रहा है... हमारी सेना ने कम से कम 100 आतंकियों को मार गिराया है... 7 मई को हमारा काम 1.26 बजे पूरा हो गया।
यह मनमोहन सिंह की सरकार नहीं है
शाह ने कहा, यह मनमोहन सिंह की सरकार नहीं है; हम चुपचाप बैठकर डोजियर नहीं भेजेंगे... 9 मई को पाकिस्तान के 11 हवाई ठिकानों को नष्ट कर दिया गया... आठ हवाई ठिकानों पर हमला इतना सटीक था कि इसने पाकिस्तान की वायु रक्षा प्रणाली को हिला दिया। हमने सिर्फ उनके हवाई ठिकानों पर हमला किया और उनकी हमलावर क्षमताओं को बर्बाद कर दिया। हमारे सशस्त्र बल बरकरार थे। और उनकी हमलावर क्षमता नष्ट कर दी गई। पाकिस्तान के पास आत्मसमर्पण करने के अलावा कोई विकल्प नहीं था। 10 मई को पाकिस्तानी डीजीएमओ ने हमारे डीजीएमओ को फोन किया और हमने शाम 5 बजे संघर्ष रोक दिया।
डोकलाम हमले के दौरान राहुल कहां थे?
अमित शाह ने राहुल गांधी को भी निशाने पर लेते हुए कहा, आज चीन संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में है और भारत नहीं है। मोदी जी पूरी कोशिश कर रहे हैं कि भारत संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का हिस्सा बने। इसके लिए जवाहरलाल नेहरू का रुख जिम्मेदार है... जब हमारे जवान डोकलाम में चीनी सैनिकों का सामना कर रहे थे, तब राहुल गांधी चीनी राजदूत के साथ बैठक कर रहे थे... चीन के लिए यह प्रेम जवाहरलाल नेहरू, सोनिया गांधी, राहुल गांधी से तीन पीढ़ियों तक चला आ रहा है।
इसके साथ ही अमित शाह ने आतंकियों के फरार होने के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरते हुए कहा, इकबाल भटकल 2010 में कांग्रेस सरकार में भागाथा। यूपीए सरकार में कई आतंकी देश से भागे थे। मोदी सरकार में 70 फीसदी कम आतंकी हमले हुए हैं। सोनिया गांधी ने बाटला हाउस मुठभेड़ पर आंसू बहाए। जबकि सलमान खुर्शीद आतंकियों के लिए रोए थे।
