Parliament Special Session: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को महिला आरक्षण बिल पर चर्चा का जवाब देते हुए लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी सहित तमाम विपक्षियों पर जमकर निशाना साधा। इस दौरान, उन्होंने राहुल गांधी को एक हिदायत भी दी।
उन्होंने कहा कि भाषाओं में तीव्रता से भावनाएं व्यक्त नहीं होती हैं। सदन में बोलने की कला आपके बहुत सारे वरिष्ठ लोग हैं, उनसे सीख लें और अगर वरिष्ठ लोग न हों तो प्रियंका जी से ही सीख लें। अमित शाह ने कहा, ''विपक्षी महिलाओं के बिल को क्रूर बिल बताते हैं और कहते हैं कि उत्तर-दक्षिण के बीच भेदभाव कर रहे हो। इतना समझाने के बाद भी ऐसे बयान आते हैं तो मैं मानता हूं कि जानबूझकर दिया गया बयान है।''
राहुल गांधी पर जमकर बरसे अमित शाह
इस दौरान, अमित शाह ने राहुल गांधी के व्यवहार पर आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा कि मैं टीवी पर विपक्ष के नेता का भाषण सुन रहा था। आपकी जिम्मेदारी है कि सदन की गरिमा पूरे देश और विश्व में बनी रहें, लेकिन आपकी भाषा सदन की मर्यादा तोड़ने वाली है। ये कैसी भाषा है- कायर, सरेंडर जैसे अपशब्दों का प्रयोग होता है। सदन में कोई आंख मारता है, कोई मुस्कुराकर बैठता है। सदन के रास्ते में चाय पकौड़े खाया जाता है। विपक्ष के नेता का आखिर कैसा बर्ताव है? इस भाषा को देश सुन रहा है। आपका और आपकी पार्टी दोनों का परिचय देश से हो रहा है।
उन्होंने आगे कहा, ''ऐसी बयानबाजी करते हैं कि सरेंडर हो गए... स्पीकर को बार-बार रोकना पड़ता है। सत्र छोड़कर विदेश चले जाते हैं। मैं इतना जरूर कहता हूं कि भाषाओं में तीव्रता से भावनाएं व्यक्त नहीं होती है। सदन में बोलने की कला प्रियंका से सीख लें।'' इस दौरान अमित शाह ने गिलहरी और ताड़का से जुड़ा किस्सा भी सुनाया। उन्होंने विपक्षियों पर निशाना साधते हुआ कहा कि आप महिलाओं को आरक्षण देने वाला पवित्र यज्ञ रूपी बिल में विरोध की हड्डियां डाल रहे हैं। इस देश की महिलाएं आपको माफ नहीं करेंगी।
