HAL Rudra: स्वदेशी हमलावर हेलीकॉप्टर रुद्र एक और मानक पर खरा उतरा है। एचएएल रुद्र से कई तरह के गोला-बारूद के साथ-साथ नई पीढ़ी के रॉकेट की फायरिंग की टेस्टिंग की गई है, जिसमें वो सफल रहा है। यह हेलीकॉप्टर पहाड़ों में दुश्मनों को खोजकर मारने में सक्षम है। यह अत्याधुनिक हथियारों से लैस हेलीकॉप्टर जंग में दुश्मनों के लिए काल साबित होगा।
नई पीढ़ी के रॉकेट
भारतीय सेना के स्पीयरकॉर्प्स योद्धाओं ने पहले स्वदेशी हमलावर हेलीकॉप्टर 'रुद्र' से नई पीढ़ी के रॉकेट दागे हैं। इसके अलावा सेना के इस स्वदेशी हेलीकॉप्टर से गोला बारूद दागने का भी सफल परीक्षण किया गया। एचएएल रुद्र, एचएएल ध्रुव का एक सशस्त्र संस्करण है। रुद्र आधुनिक इन्फ्रारेड, थर्मल इमेजिंग इंटरफ़ेस, 20 मिमी बुर्ज बंदूक, 70 मिमी रॉकेट पॉड, एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल और हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल से सुसज्जित है।
ध्रुव हेलीकॉप्टर का कॉम्बेट वर्जन
सेना के मुताबिक स्वदेशी हमलावर हेलीकॉप्टर 'रुद्र' ने पहाड़ों में हमले की क्षमता, प्रभाव और घातकता बढ़ा दी है। कोर कमांडर ने एविएटर्स को उनकी व्यावसायिकता और परिचालन तैयारियों के लिए बधाई दी। दरअसल, इस नए बदलाव के साथ भारतीय सेना की एविएशन यूनिट ने एक ध्रुव हेलीकॉप्टर का कॉम्बेट वर्जन तैयार किया है। इसके जरिए नेक्स्ट जेनरेशन रॉकेट और गोला-बारूद प्रणाली का परीक्षण किया गया। स्वदेशी तौर पर विकसित इस अटैक हेलिकॉप्टर का नाम 'रुद्र' रखा गया है। 'ध्रुव' हिंदुस्तान ऐरोनॉटिक्स लिमिटेड द्वारा विकसित और निर्मित भारत का एक बहूद्देशीय हैलीकॉप्टर है।
