अयोध्या में राम मंदिर को उड़ाने की साजिश रच रहा आतंकवादी अब्दुल रहमान सुरक्षा एजेंसियों के गिरफ्त में है। गुजरात एटीएस और फरीदाबाद एसटीएफ ने उसे फरीदाबाद से गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसियों ने उससे गहन पूछताछ की है और उधर उसके माता-पिता और परिवारजनों से भी पूछताछ हुई है। उसके घर की तलाशी में उसके कमरे से कुछ कैश और एक लकड़ी की बंदूक भी मिली है। इधर जांच एजेंसियों ने उससे पूछताछ कर कई अहम जानकारियां जुटाई हैं।
अब्दुल रहमान की गिरफ्तारी के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं। सुरक्षा एजेंसियां अब्दुल रहमान के हैंडलर की जानकारी इकठ्ठा करने में जुटी हैं। एजेंसियां उस शख्स की तलाश कर रही हैं, जिसने उसे फरीदाबाद में हैंड ग्रेनेड मुहैया कराया था।
इधर संदिग्ध आतंकी अब्दुल रहमान से पूछताछ में बड़ा खुलासा हुआ है। पता चला है कि अब्दुल रहमान नाम बदलकर अपने खतरनाक मनसूबे को अंजाम देने की फिराक में था। पता चला है कि वह 10 महीने पहले ही आईएसआई के इस्लामिक स्टेट खुरासान प्रोविंस (ISKP) मॉड्यूल से जुड़ा था।
जानकारी के अनुसार अब्दुल रहमान को ऑनलाइन वीडियो कॉल पर ट्रेनिंग दी गई। अब्दुल रहमान अयोध्या के मिल्कीपुर में अपनी दुकान पर ही बैठकर वीडियो कॉल पर ट्रेनिंग लेता था। ट्रेनिंग के दौरान अब्दुल रहमान को कई टास्क भी दिए गए थे।
अयोध्या में राम मंदिर को बम धमाके से उड़ाने की साजिश भी वीडियो कॉल पर ही रची गई थी। जांच एजेंसियों को उसके मोबाइल फोन में कई धार्मिकस्थलों के फोटो और वीडियो भी मिले हैं।
पड़ताल के अनुसार वह 10वीं तक पढ़ा है और हाईस्कूल की पढ़ाई के दौरान ही वह जमात के संपर्क में आया था। जांच एजेंसियों के अनुसार वह दिल्ली में निजामुद्दीन मरकज में रह चुका है और आज यानी मंगलवार 4 मार्च को वापस अयोध्या वापस लौटने वाला था। लेकिन इससे पहलवे ही उसे धर-दबोचा गया।
सुरक्षा एजेंसियों को शक है कि अब्दुल रहमान के अलावा कुछ अन्य लोग भी इस साजिश में शामिल हो सकते हैं। सुरक्षा एजेंसियां उन लोगों की तलाश में हैं। जांच एजेंसियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी संगठन ISIS के इशारे पर वह राम मंदिर पर हमले की साजिश रच रहा था।
इनपुट - टाइम्सनाउ रिपोर्टर अनुज
