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तेलंगाना सुरंग हादसा: अब खोज अभियान में शामिल हुआ रोबोट, सात लोग अभी भी हैं लापता

तेलंगाना सुरंग हादसा में में 22 फरवरी को इंजीनियर और मजदूरों समेत आठ लोग फंस गए थे। जिनमें से एक की लाश बरामद कर ली गई है। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), भारतीय सेना, नौसेना तथा अन्य एजेंसियों के विशेषज्ञ उन्हें निकालने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं।

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तेलंगाना टनल हादसे में लापता लोगों की तलाश करेगा रोबोट

Photo : ANI

तेलंगाना में श्रीशैलम लेफ्ट बैंक कैनाल (एसएलबीसी) परियोजना की आंशिक रूप से ध्वस्त सुरंग में फंसे सात लोगों का पता लगाने के लिए मंगलवार को अभियान में रोबोट को शामिल किया गया। हैदराबाद की एक रोबोटिक्स कंपनी की टीम एक रोबोट के साथ मंगलवार सुबह सुरंग के अंदर गई। 110 बचावकर्मी भी सुरंग में गए।

रोबोट की तैनाती

तेलंगाना सरकार ने बचाव कर्मियों को किसी भी खतरे से बचाने के लिए रोबोट तैनात करने का निर्णय लिया है, क्योंकि सुरंग के अंदर पानी और कीचड़ के कारण स्थितियां चुनौतीपूर्ण हैं। राज्य के सिंचाई मंत्री एन उत्तम कुमार रेड्डी ने आठ मार्च को कहा था कि सरकार रोबोट विशेषज्ञों की सेवाओं का उपयोग करके इस अभियान को शुरू करने के लिए चार करोड़ रुपये खर्च करेगी। उन्होंने कहा कि विशाल टीबीएम के टुकड़े सुरंग के अंदर पानी, मिट्टी और पत्थरों में मिल गए हैं इसलिए वे बचाव दल के लिए खतरा बन गए हैं।

सीएम ने दिया था सुझाव

मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने बचाव अभियान का नेतृत्व कर रहे अधिकारियों को सुझाव दिया कि यदि जरूरी हो तो सुरंग के अंदर रोबोट का उपयोग किया जाए, ताकि बचाव कर्मियों को किसी भी खतरे से बचाया जा सके। उन्होंने दो मार्च को सुरंग का दौरा किया था। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), सरकारी खनन कंपनी ‘सिंगरेनी कोलियरीज’, खनिकों और अन्य की टीमें खोजी कुत्तों और रडार सर्वेक्षण द्वारा बताए गए विशिष्ट स्थानों पर सात व्यक्तियों का पता लगाने के लिए खोज अभियान जारी रखे हुए हैं।

22 फरवरी को हुआ था हादसा

दो दिन पहले बचाव कर्मियों ने सुरंग निर्माण कार्य में लगी एक विदेशी कंपनी में काम करने वाले टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) संचालक गुरप्रीत सिंह का शव बरामद किया था। शव को वाहन से पंजाब में उनके पैतृक स्थान भेजा गया। तेलंगाना सरकार ने उनके परिवार को 25 लाख रुपये की अनुग्रह राशि प्रदान की है। एसएलबीसी परियोजना सुरंग में 22 फरवरी को हुए हादसे में इंजीनियर और मजदूरों समेत आठ लोग फंस गए थे। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), भारतीय सेना, नौसेना तथा अन्य एजेंसियों के विशेषज्ञ उन्हें निकालने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं।

भाषा की रिपोर्ट

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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