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तेलंगाना: चुनावी रैली के दौरान प्रचार वाहन की बैरीकेटिंग टूटी, गाड़ी से नीचे गिरे मंत्री केटीआर राव

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Nov 9, 2023, 07:23 PM IST

Telangana Election: निजामाबाद के आर्मूर में एक चुनावी रैली के दौरान प्रचार वाहन की बैरीकेटिंग टूट जाने के कारण तेलंगाना मंत्री व बीआरएस नेता केटीआर राव गाड़ी से नीचे गिर गए।

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प्रचार वाहन से नीचे गिरे केटीआर राव

Photo : Twitter

Telangana Election: तेलंगाना विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान मंत्री व बीआरएस नेता केटीआर राव के साथ बड़ा हादसा हो गया। निजामाबाद के आर्मूर में एक चुनावी रैली के दौरान प्रचार वाहन की बैरीकेटिंग टूट जाने के कारण वे गाड़ी से नीचे गिर गए। इस घटना का वीडियो भी सामने आया है।

दरअसल, चुनावी रैली के दौरान केटीआर राव अन्य नेताओं के साथ प्रचार वाहन के ऊपर खड़े थे। वीडियो में दिख रहा है कि प्रचार वाहन के ऊपर करीब एक दर्जन लोग खड़े थे। अचानक से गाड़ी को झटका लगता है और बैरीकेटिंग टूट जाने के कारण सभी नीचे गिर जाते हैं।

बाल-बाल बचे केटीआर

जानकारी के मुताबिक, तेलंगाना मंत्री के साथ बीआरएस के राज्यसभा सदस्य केआर सुरेश रेड्डी और पार्टी उम्मीदवार व मौजूदा विधायक जीवन रेड्डी भी प्रचार वाहन पर मौजूद थे। पुलिस ने बताया कि रेलिंग टूटने के बाद बीच में खड़े रामा राव झटके से आगे की ओर झुके और वाहन पर रखे स्पीकर पर गिर गए। उन्होंने बताया कि विधायक और सांसद गाड़ी से नीचे गिरे लेकिन वैन के साथ चल रहे पुलिसकर्मियों ने उन्हें पकड़ लिया और दोनों को सड़क पर गिरने से बचाया। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि घटना में कोई घायल नहीं हुआ। रेड्डी और रामा राव को तुरंत एक कार में ले जाया गया और फिर वे आगे बढ़ गए। प्रारंभिक जानकारी के आधार पर अधिकारी ने कहा कि वैन के आगे चल रहे वाहन के चालक को अचानक किसी के सामने आ जाने पर ब्रेक लगाना पड़ा, जिसके परिणामस्वरूप यह घटना हुई। रामा राव की बहन और बीआरएस एमएलसी के. कविता ने कहा, मैंने रामा राव से बात की और उन्होंने मुझे बताया कि वह बिल्कुल ठीक हैं। कविता ने ‘एक्स’ पर कहा, बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष केटीआर से बात की। वीडियो काफी डरावना लग रहा है, लेकिन उन्होंने मुझे और सभी को आश्वस्त किया कि वह बिल्कुल ठीक हैं। इसके बाद रामा राव एक रोड शो में भाग लेने के लिए कोडंगल रवाना हो गए।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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