देश

'प्रजा दरबार' नहीं, अब 'प्रजा वाणी' कहिए...तेलंगाना में नई सरकार ने बदल दिया नाम, अब हफ्ते में होगा दो बार

  • Compiled by: अभिषेक गुप्ता
  • Updated Dec 12, 2023, 07:08 AM IST

Telangana Politics: हर मंगलवार और शुक्रवार को सुबह 10 बजे से दोपहर एक बजे तक मुख्यमंत्री के आधिकारिक निवास ज्योतिराव फुले प्रजा भवन में होने वाली प्रजा वाणी के दौरान नागरिक अपनी समस्याओं के बारे में आवेदन जमा कर सकते हैं।

Image

तेलंगाना के नए मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी। (फाइल)

Photo : टाइम्स नाउ ब्यूरो

Telangana Politics: दक्षिण भारतीय सूबे तेलंगाना में अब प्रजा दरबार को नई पहचान मिल गई है। यह अब से प्रजा वाणी कहलाएगा। ऐसा इसलिए क्योंकि सूबे में नई सरकार ने इसका नाम बदलने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के नेतृत्व वाली प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने यह भी जानकारी दी कि प्रजा वाणी अब हफ्ते में दो बार आयोजित किया जाएगा।

फैसला सोमवार (11 दिसंबर, 2023) को राज्य सचिवालय में सीएम रेड्डी की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में लिया गया। यह निर्णय हुआ कि जो लोग सुबह 10 बजे से पहले प्रजा भवन पहुंचेंगे, उन्हें अपना आवेदन जमा करने का मौका दिया जाना चाहिए। विकलांगों और महिलाओं के लिए विशेष कतारें होंगी।

हर मंगलवार और शुक्रवार को सुबह 10 बजे से दोपहर एक बजे तक मुख्यमंत्री के आधिकारिक निवास ज्योतिराव फुले प्रजा भवन में होने वाली प्रजा वाणी के दौरान नागरिक अपनी समस्याओं के बारे में आवेदन जमा कर सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आवेदकों के लिए पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था करने का निर्देश दिया। रेड्डी ने सीएम का पद संभालने के एक दिन बाद आठ दिसंबर को प्रजा दरबार में जनता की शिकायतें सुनना शुरू किया था। अधिकारियों को नौ दिसंबर को आवेदन मिले थे।

सोमवार (11 दिसंबर) को आईटी मंत्री डी. श्रीधर बाबू ने आवेदकों से बातचीत की थी। सोमवार तक कुल 4,471 आवेदन हासिल हुए थे। अधिकांश आवेदन डबल बेडरूम मकान और पेंशन स्वीकृत करने के लिए हैं। अधिकारियों के अनुसार, सोमवार को 1,143 आवेदन मिले थे।

देश और दुनिया की ताजा ख़बरें (News in Hindi) पढ़ें हिंदी में और देखें छोटी बड़ी सभी न्यूज़ Times Now Navbharat Live TV पर। देश (India News) अपडेट और (आज की ताजा खबर) के लिए जुड़े रहे Times Now Navbharat से ।

अभिषेक गुप्ता
अभिषेक गुप्ता author

छोटे शहर से, पर सपने बड़े-बड़े. किस्सागो ऐसे जो कहने-बताने और सुनाने को बेताब. कंटेंट क्रिएशन के साथ नजर से खबर पकड़ने में पारंगत और "मीडिया की मंडी" ... और देखें

End of Article