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तेलंगाना में कांग्रेस का दबदबा, 5 मेयर सीटें और 80 से अधिक नगरपालिकाएं की फतह; करीमनगर में BJP ने रचा इतिहास

तेलंगाना निकाय चुनाव में कांग्रेस ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सात में से पांच नगर निगमों में मेयर पदों पर जीत दर्ज की है। इसके साथ ही 80 से अधिक नगरपालिकाओं में चेयरपर्सन पद पर कब्जा किया। वहीं करीमनगर में बीजेपी ने मेयर पद हासिल कर इतिहास रचा।

तेलंगाना निकाय चुनाव।

तेलंगाना निकाय चुनाव।

तेलंगाना में हाल ही में संपन्न हुए निकाय चुनावों में सत्तारूढ़ कांग्रेस ने बड़ी बढ़त हासिल करते हुए सात में से पांच नगर निगमों में मेयर पद पर कब्जा जमाया। वहीं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) को एक-एक नगर निगम में सफलता मिली।

116 नगरपालिकाओं और सात नगर निगमों के लिए हुआ था मतदान

11 फरवरी को 116 नगरपालिकाओं और सात नगर निगमों के लिए मतदान हुआ था। सोमवार को राज्यभर में इन निकायों के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और मेयर पदों के लिए चुनाव कराए गए। कांग्रेस ने 81 नगरपालिकाओं में चेयरपर्सन पद जीतकर अपना दबदबा कायम रखा।

मुख्य विपक्षी भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) को 18 नगरपालिकाओं में अध्यक्ष पद मिला,जबकि भाजपा को एक नगरपालिका में सफलता मिली। निर्दलीयों ने चार और ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक (एआईएफबी)ने एक नगरपालिका में चेयरपर्सन पद जीता। हालांकि महबूबाबाद जिले के थोरूर में कांग्रेस और बीआरएस कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की की घटना सहित अन्य कारणों से राज्य निर्वाचन आयोग ने 11 नगरपालिकाओं में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के चुनाव स्थगित कर दिए।

करीमनगर में भाजपा का इतिहास

66 सदस्यीय करीमनगर नगर निगम में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी और मेयर पद जीतने में सफल रही। कांग्रेस ने एआईएमआईएम समेत अन्य दलों के समर्थन से मुकाबला करने की कोशिश की, लेकिन भाजपा ने बाजी मार ली। यहां कांग्रेस को 14, बीआरएस को 9, एआईएमआईएम और एआईएफबी को तीन-तीन तथा निर्दलीयों को सात वार्ड मिले।

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंदी संजय कुमार, जो करीमनगर से लोकसभा सांसद हैं, ने इसे ऐतिहासिक जीत बताया। उन्होंने कोलागनी श्रीनिवास को भाजपा का पहला मेयर बनने पर बधाई दी और इसे विकास की जीत करार दिया।

कोठागुडेम में कांग्रेस-सीपीआई समझौता

60 सदस्यीय कोठागुडेम नगर निगम में कांग्रेस और सीपीआई ने 22-22 वार्ड जीतकर बराबरी की स्थिति बनाई। दोनों दलों के बीच सत्ता साझा करने पर सहमति बनी। यह गठबंधन 2023 के विधानसभा चुनावों से ही जारी है।

कोठागुडेम इसलिए भी चर्चा में रहा क्योंकि बीआरएस कार्यकारी अध्यक्ष के. टी. रामाराव ने सीपीआई को खुला समर्थन देने की पेशकश की थी, ताकि सिंगरेनी कोलियरीज में कथित अनियमितताओं के खिलाफ संयुक्त रूप से लड़ाई लड़ी जा सके।

निजामाबाद में कांग्रेस-एआईएमआईएम गठजोड़

निजामाबाद नगर निगम में भाजपा 28 वार्ड जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनी, जबकि कांग्रेस को 17, एआईएमआईएम को 14 और बीआरएस को एक वार्ड मिला। इसके बावजूद कांग्रेस और एआईएमआईएम के बीच समझौते से मेयर और डिप्टी मेयर पद कांग्रेस और एआईएमआईएम के खाते में गए।

राज्य के सिंचाई मंत्री एन. उत्तम कुमार रेड्डी ने कहा कि कांग्रेस ने उत्तर तेलंगाना में भाजपा की ध्रुवीकरण की कोशिशों को विफल कर दिया है और राज्य को विभाजनकारी राजनीति से बचाने का संकल्प दोहराया।

बीआरएस का आरोप

बीआरएस कार्यकारी अध्यक्ष के. टी. रामाराव ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने नगरपालिका अध्यक्ष पदों के चुनाव में सत्ता का दुरुपयोग किया और साजिशें रचीं। जिन नगरपालिकाओं में स्पष्ट बहुमत नहीं आया है,वहां मंगलवार को होने वाले चुनाव के लिए बीआरएस ने वरिष्ठ नेताओं को प्रभारी नियुक्त किया है।

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शिव शुक्ला
शिव शुक्ला author

शिव शुक्ला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में कार्यरत एक अनुभवी न्यूज राइटर हैं। छह वर्षों के पेशेवर अनुभव के साथ वे डिजिटल पत्रकारिता में तेज, सटीक और प्रभ... और देखें

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