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तेजस्वी यादव बनने जा रहे हैं मुख्यमंत्री, भाई तेज प्रताप ने की भविष्यवाणी; 'चाचा' नीतीश के लिए क्या कहा?

Bihar Politics: बिहार में इसी साल विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में सवाल ये है कि क्या मुख्यमंत्री की कुर्सी पर नीतीश कुमार ही काबिज रहेंगे या कुर्सी पर बैठने वाला शख्स बदल जाएगा। तेज प्रताप यादव ने भविष्यवाणी की है कि तेजस्वी यादव मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं। नीतीश पर तंज कसके हुए उन्होंने कहा कि पलटू राम का गाड़ी छूटने वाली है।

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तेज प्रताप यादव ने तेजस्वी यादव के लिए की भविष्यवाणी।

'तेजस्वी यादव मुख्यमंत्री नहीं बनेंगे, सपना देखते रहें', केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह के इस बयान पर लालू यादव के बड़े बेटे और विधायक तेज प्रताप यादव ने पलटवार किया। तेज प्रताप यादव ने शुक्रवार को मीडिया से बात करते हुए कहा कि तेजस्वी यादव मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं और पलटू राम की गाड़ी बहुत जल्दी छूटने वाली है। उनके कहने से कुछ नहीं होता है।

तेजस्वी यादव मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं; तेज प्रताप की भविष्यवाणी

तेज प्रताप यादव ने आगे कहा कि यह मेरी भविष्यवाणी है कि तेजस्वी यादव मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं और जो सपना ललन सिंह ने पाल रखा है, वह बहुत जल्दी फेल होने वाला है। तेज प्रताप यादव ने ललन सिंह के बयान को नकारते हुए यह स्पष्ट किया कि बिहार की जनता राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेतृत्व में तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री बनाने जा रही है।

दरअसल, तेजस्वी यादव इन दिनों कानून व्यवस्था के मुद्दे पर बिहार सरकार को लगातार घेर रहे हैं। वह लगातार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर क्राइम बुलेटिन पोस्ट कर रहे हैं। इसी पर केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने कहा था कि तेजस्वी यादव को अपराध की परिभाषा नहीं पता है।

ललन सिंह ने तेजस्वी यादव के लिए क्या कुछ कहा?

उन्होंने कहा था कि सिर्फ आंकड़े जारी करने से हकीकत नहीं बदलती। तेजस्वी को अपने पिता के शासनकाल को याद करना चाहिए, तब कानून-व्यवस्था की क्या स्थिति थी। कितना अपराध होता था, कितना अपहरण होता था, अपहरण का उद्योग चलता था। फिरौती कहां वसूली जाती थी, ये सब जगजाहिर है। आंकड़े जारी करने से कोई मुख्यमंत्री नहीं बन जाता।

उन्होंने आगे कहा था कि तेजस्वी यादव ज्ञान प्राप्त कर लें। उनको ज्ञान नहीं है, अनुभव की कमी है, अनुभव ले लें, मुख्यमंत्री का पद उनको नहीं मिलने वाला, वह मुख्यमंत्री नहीं बनेंगे, सपना देखते रहें।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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