कोलकाता में हुई बीजेपी विधायक दल की बैठक में सुवेंदु अधिकारी के नाम पर अंतिम मुहर लग गई। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सुवेंदु अधिकारी के नाम का एलान किया। अमित शाह और ओडिशा के सीएम मोहन चरण माझी की मौजूदगी में विधायकों ने सर्वसम्मति से सुवेंदु को अपना नेता चुना गया। सुवेंदु अधिकारी कल यानी 9 मई को सुबह 11 बजे कोलकाता के ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड ग्राउंड में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे।
हमारे विधायकों की जीत का औसत 28 हजार वोट रहा: अमित शाह
कोलकाता में विधायक दल की बैठक को संबोधित करते हुए अमित शाह ने जीत के आंकड़ों पर खुशी जताई। उन्होंने बताया कि इस बार बंगाल में बीजेपी की लहर कितनी प्रचंड थी, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि हमारे विधायकों की जीत का औसत 28 हजार वोट रहा है।
अमित शाह ने अपने संबोधन में पार्टी के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का विशेष जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आज बंगाल की धरती पर बीजेपी की सरकार बनना डॉ. मुखर्जी के संघर्षों और उनके बलिदान को सच्ची श्रद्धांजलि है।अमित शाह के मुताबिक, जिस राष्ट्रवाद की नींव उन्होंने रखी थी, आज उसी पर चलकर बंगाल में पहली बार पूर्ण बहुमत की बीजेपी सरकार बनने जा रही है।
असम-बंगाल में अब घुसपैठ होगी नामुमकिन- अमित शाह
कोलकाता में नवनिर्वाचित विधायकों को संबोधित करते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने घुसपैठ के मुद्दे पर सबसे कड़ा रुख अपनाया। उन्होने दो टूक शब्दों में कहा कि जिस तरह हमने असम में घुसपैठ को पूरी तरह से थाम दिया है, अब बंगाल में भी वही होगा और यहां भी अवैध घुसपैठ को पूरी तरह असंभव बना दिया जाएगा।
अमित शाह ने भवानीपुर सीट का विशेष उल्लेख भी किया। उन्होंने कहा सुवेंदु अधिकारी ने इस बार “दीदी के घर में जाकर” उन्हें हराया है। उन्होंने भवानीपुर की जनता का धन्यवाद करते हुए कहा कि जनता ने बड़ा संदेश दिया है।
'जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने की पूरी कोशिश करेगी बीजेपी'
अमित शाह ने आरोप लगाया कि कम्युनिस्ट शासन के समय से बंगाल में भय और हिंसा का माहौल बनाया गया था, जिसे बाद में और गहरा कर दिया गया। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में मत की अभिव्यक्ति लगभग असंभव हो गई थी, लेकिन इसके बावजूद जनता ने बीजेपी का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि बीजेपी जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने की पूरी कोशिश करेगी और “सोनार बांग्ला” के लक्ष्य को लेकर आगे बढ़ेगी।
उन्होंने कहा कि तीन सीटों से 77 और अब 207 सीटों तक का हमारा सफर सचमुच अभूतपूर्व रहा है। 23 प्रशासनिक जिलों में से नौ ऐसे हैं जहां दीदी का खाता भी नहीं खुला। उनका तो सफाया हो गया है। मैंने ऐसा भारी जनादेश पहले कभी नहीं देखा। जब कोई सरकार जनता की सेवा के लिए समर्पित होती है, तो उसे जनता का समर्थन मिलता है। हालांकि, जिन जगहों पर विपक्ष सत्ता में है और विपक्षी नेताओं को बोलने की इजाजत नहीं है, वहां सत्ताधारी पार्टी का नौ जिलों में शून्य वोट पाना जनता की इच्छा और ईश्वर की कृपा से कम नहीं है।
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