Marathi Row: महाराष्ट्र में भाषा विवाद तूल पकड़ता जा रहा है। भाजपा सांसद निशिकांत दुबे के बयान के बाद शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत ने मंगलवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस और महाराष्ट्र कैबिनेट पर निशाना साधा। राउत ने कहा कि निशिकांत दुबे के विवादित बयान मुख्यमंत्री और कैबिनेट की चुप्पी उन्हें हैरान कर रही है। वहीं, फड़णवीस ने कहा कि 'निशिकांत दुबे का बयान आम मराठी लोगों के लिए नहीं था बल्कि उनका बयान विवाद खड़ा करने वालों के लिए था।' हालांकि, फड़णवीस ने कहा कि भाजपा नेता के बयान को पूरी तरह से सही नहीं कहा जा सकता।
सीएम, डिप्टी सीएम की चुप्पी हैरान कर रही-राउत
राउत ने कहा, 'सबसे पहले, यह दुबे कौन है? मैं हिंदी बोलने वाले नेताओं से दुबे के बयान की निंदा करने की मांग करता हूं। भाजपा का एक सांसद मराठी लोगों के खिलाफ बयान दे रहा है लेकिन महाराष्ट्र के सीएम और डिप्टी सीएम चुप हैं, यह देखकर मुझे हैरानी हो रही है। यह किस तरह के सीएम हैं? इन्हें छत्रपति शिवाजी महाराज और बालासाहेब ठाकरे का नाम लेने का कोई अधिकार नहीं है। आप अगर दुबे के बयान की निंदा करते हैं तभी मैं कहूंगा कि आप महाराष्ट्र से हैं।' राउत ने आगे कहा, 'एकनाथ शिंद जो कि खुद को नकली शिवसेना का नेता बताते हैं, उन्हें अपनी दाढ़ी काट लेनी चाहिए। उन्हें इस्तीफा देना चाहिए।'
फड़णवीस ने दी सफाई
ठाणे में ‘फूड स्टॉल’ मालिक को थप्पड़ मारने के खिलाफ व्यापारियों के विरोध प्रदर्शन के जवाब में रैली से पहले मनसे नेता अविनाश जाधव को हिरासत में लिया गया। मनसे कार्यकर्ता भी विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। इस बीच, सीएम फड़णवीस ने कहा कि मनसे के मोर्चे को मीरा भयंदर में अनुमति दी गई थी लेकिन पार्टी ने मार्च के लिए एक खास रास्ते पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में भाषा विवाद पर भाजपा सांसद निशिकांत दुबे की टिप्पणी अनुचित है और इससे भ्रम पैदा होने का खतरा। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि दुबे का बयान आम मराठी लोगों के बारे में नहीं था।
तुम्हें पटक-पटक के मारेंगे-दुबे
भाजपा सांसद दुबे ने महाराष्ट्र में हिंदी भाषी लोगों पर हाल ही में हुए हिंसक हमलों के लिए महाराष्ट्र नव निर्माण सेना (मनसे) के प्रमुख राज ठाकरे और उनके चचेरे भाई और शिवसेना (यूबीटी) के अध्यक्ष उद्धव ठाकरे पर सोमवार को तीखा हमला बोला। निशिकांत ने उन्हें चुनौती दी कि वे यूपी, बिहार या तमिलनाडु जाकर वहां भी ऐसा करने की कोशिश करें। दुबे ने ठाकरे बंधुओं द्वारा महाराष्ट्र में काम कर रहे उत्तर भारतीय लोगों के खिलाफ किए गए हमले का जिक्र करते हुए कहा, 'यूपी, बिहार या तमिलनाडु आ जाओ। तुम्हें पटक-पटक के मारेंगे।'
