देश

सूरत में गणेश पंडाल पर पथराव के बाद भीड़ का उपद्रव, पुलिस को करना पड़ा लाठी चार्ज; 6 गिरफ्तार 27 हिरासत में

Surat Stone Pelting at Ganesh Pandal: सूरत के सैयदपुरा इलाके में गणेश पंडाल पर कुछ लोगों ने पत्थरबाजी की, जिसके बाद हिंंदू पक्ष भी सड़क पर उतर आया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठी चार्ज और टियर गैस का सहारा लेना पड़ा। इस मामले में 6 लोगों को अबतक गिरफ्तार किया गया है।

Image

सूरत में पत्थरबाजी के बाद पुलिस कमिश्नर भी मौके पर पहुंचे।

Photo : ANI

Surat Stone Pelting at Ganesh Pandal: गुजरात के सूरत में गणेश उत्सव के दौरान बड़ी घटना सामने आई है। यहां लालगेट इलाके के सैयदपुरा में गणेश पंडाल पर देर रात पथराव किया गया, जिसके बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई। अधिकारियों ने बताया, कुछ लोगों ने बच्चों को बहकाकर गणेश पंडाल पर पत्थरबाजी करवाई, जिसके बाद हिंदू पक्ष भी सड़क पर उतर आया और मामला बिगड़ गया।

उधर, स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। सूरत पुलिस कमिश्ननर अनुपम सिंह गहलोत ने बताया कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए लाठी चार्ज किया गया और टियर गैस का इस्तेमाल किया गया। वहीं, गुजरात के गृह मंत्री हर्ष संघवी ने बताया कि सूरत के सैयदपुरा इलाके में आज 6 लोगों ने गणेश पंडाल पर पथराव किया था। इन सभी 6 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है और पुलिस ने ऐसी घटना को बढ़ावा देने में शामिल अन्य 27 लोगों को भी गिरफ्तार किया है। उन्होंने बताया कि मामले की जांच जारी है और शांति भंग करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

करीब 1000 पुलिसकर्मी तैनात

सूरत पुलिस कमिश्नर ने बताया कि पंडाल पर पहले बच्चों ने पत्थर फेंके थे। मामला सामने आते ही वहां मौजूद पुलिस कर्मियों ने बच्चों को वहां से हटा दिया। हालांकि, इसके बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई। उन्होंने बताया कि आसपास के पुलिस थानों से फोर्स मंगाकर पूरे इलाके में गश्त की जा रही है। करीब 1000 पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया है। सीसीटीवी के माध्यम से आरोपियों की पहचान की जा रही है।

सीएम भूपेंद्र पटेल ने मांगी रिपोर्ट

जानकारी के मुताबिक, इस घटना पर गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। उन्होंने सूरत पुलिस कमिश्नर से बात की है और पूरे मामले की रिपोर्ट तलब की है। वहीं, गृहमंत्री हर्ष संघवी ने भी मामले में जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि पथराव के पीछे की मंशा साफ होनी चाहिए। घटना में शामिल सभी लोगों को गिरफ्तार कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल सैयादपुरा इलाके में एसआरपी की टीम तक तैनात की गई है।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

और पढ़ें
End of Article
Subscribe to our daily Newsletter!

संबंधित खबरें

'सिस्टम से भरोसा टूट चुका है, बच्चों की मांगें माने बिना नहीं निकलेगा समाधान'; पीएम मोदी के ऐलान पर बोलीं प्रियंका

'सिस्टम से भरोसा टूट चुका है, बच्चों की मांगें माने बिना नहीं निकलेगा समाधान'; पीएम मोदी के ऐलान पर बोलीं प्रियंका

संसद में आज भी गतिरोध, हंगामे के बाद संसद की कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़ा विपक्ष

संसद में आज भी गतिरोध, हंगामे के बाद संसद की कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़ा विपक्ष

शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर अड़ी CJP, पीएम मोदी के फास्ट-ट्रैक कोर्ट के ऐलान को नकारते हुए कहा- 'प्रधान को इस्तीफा देना होगा'

शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर अड़ी CJP, पीएम मोदी के फास्ट-ट्रैक कोर्ट के ऐलान को नकारते हुए कहा- 'प्रधान को इस्तीफा देना होगा'

'शिक्षा व्यवस्था को आपने बर्बाद होने दिया', पेपर लीक पर PM मोदी के ऐलान के बाद राहुल गांधी का हमला; दोहराईं छात्रों की तीन मांगें

'शिक्षा व्यवस्था को आपने बर्बाद होने दिया', पेपर लीक पर PM मोदी के ऐलान के बाद राहुल गांधी का हमला; दोहराईं छात्रों की तीन मांगें

छात्र आंदोलन के बीच PM मोदी का आया संदेश, 'पेपर लीक पर बनेगा फास्ट ट्रैक कोर्ट, युवाओं का भविष्य सर्वोच्च प्राथमिकता'

छात्र आंदोलन के बीच PM मोदी का आया संदेश, 'पेपर लीक पर बनेगा फास्ट ट्रैक कोर्ट, युवाओं का भविष्य सर्वोच्च प्राथमिकता'