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चुनावों से पहले NCP में फेरबदलः पवार की बेटी सुप्रिया सुले को कमान, प्रफुल्ल पटेल का भी बढ़ा कद

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Jun 10, 2023, 01:57 PM IST

Maharashtra Politics: महाराष्ट्र में विधानसभा और आगामी लोकसभा चुनाव से पहले एनसीपी में बड़ा फेरबदल देखने को मिला है। एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार की बेटी व लोकसभा सांसद सुप्रिया सुले को पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है।

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Supriya Sule

Photo : BCCL

Maharashtra Politics: महाराष्ट्र में विधानसभा और आगामी लोकसभा चुनाव से पहले एनसीपी में बड़ा फेरबदल देखने को मिला है। एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार की बेटी व लोकसभा सांसद सुप्रिया सुले को पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है। उन्हें महाराष्ट्र, पंजाब और हरियाणा की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा पार्टी में कद्दावर नेता प्रफुल्ल पटेल का कद भी बढ़ा हैं, उन्हें भी कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है। इसका ऐलान खुद शरद पवार की ओर से किया गया है।

बता दें, पार्टी हाईकमान की ओर से यह फैसला शरद पवार के इस्तीफे के कुछ दिन बाद किया गया है। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले शरद पवार ने पार्टी अध्यक्ष पद से इस्तीफा देकर चौंका दिया था। हालांकि, कार्यकर्ताओं की नाराजगी और मनाने के बाद उन्होंने इस्तीफा वापस ले लिया था। हालांकि, अब उन्होंने अपने बेटी को पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष बनाकर सभी को चौंका दिया है।

अजीत पवार के लिए बड़ा झटका

शरद पवार की ओर से यह फैसला उनके ही भतीजे और एनसीपी के कद्दावर नेता अजीत पवार के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। दरअसल, शरद पवार के बाद अजीत पवार को पार्टी का सबसे बड़ा नेता माना जाता था। एनसीपी अध्यक्ष पद के प्रमुख दावेदारों में उनका नाम सबसे आगे था। हालांकि, अब राजनीति के चाणक्य कहे जाने वाले शरद पवार ने इस फैसले से सभी को हैरान कर दिया है। बता दें, शरद पवार के भतीजे अजीत पवार वर्तमान में नेता प्रतिपक्ष के पद पर हैं।

विपक्षी एकता को लेकर दिया बड़ा बयान

इस बीच एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने विपक्षी एकता को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि लोकसभा चुनाव से पहले सभी विपक्षी दलों का एक साथ आना होगा। मुझे यकीन है कि देश के लोग हमारी मदद करेंगे। उन्होंने कहा, हम सभी 23 तारीख को बिहार में मिलेंगे और विपक्षी एकता पर चर्चा करेंगे। उन्होंने कहा, इस क्रम में हम सभी देश भर में यात्रा करेंगे।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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