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असली समझकर न करें क्लिक! सुप्रीम कोर्ट की फर्जी वेबसाइट से चोरी हो सकती है आपकी सीक्रेट जानकारी, SC ने किया अलर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने देश के नागरिकों, वकीलों और याचिकाकर्ताओं को एक फर्जी वेबसाइट के प्रति सावधान किया है। कोर्ट की रजिस्ट्री ने एक सार्वजनिक परामर्श जारी कर बताया कि 'sp-court-in.com' नाम का फर्जी पोर्टल लोगों की निजी और वित्तीय जानकारी चुराने के मकसद से बनाया गया है।

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सुप्रीम कोर्ट की फर्जी वेबसाइट से रहें सावधान! (फाइ ल फोटो)

Photo : PTI

सुप्रीम कोर्ट ने देश के नागरिकों, वकीलों और याचिकाकर्ताओं को एक फर्जी वेबसाइट के प्रति सावधान किया है। कोर्ट की रजिस्ट्री ने एक सार्वजनिक परामर्श जारी कर बताया कि 'sp-court-in.com' नाम का फर्जी पोर्टल लोगों की निजी और वित्तीय जानकारी चुराने के मकसद से बनाया गया है।

देश की सर्वोच्च अदालत (सुप्रीम कोर्ट) के नाम पर एक बड़े ऑनलाइन फ्रॉड का खुलासा हुआ है। सुप्रीम कोर्ट ने आम जनता, वकीलों और सभी पक्षकारों को एक फर्जी वेबसाइट के प्रति कड़ा रुख अपनाते हुए आगाह किया है। कोर्ट की रजिस्ट्री ने चेतावनी जारी की है कि यह फर्जी पोर्टल लोगों का व्यक्तिगत डेटा, बैंकिंग पासवर्ड और अन्य गोपनीय जानकारियां चुराने के लिए बनाया गया है।

कौन सी है फर्जी वेबसाइट?

सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री द्वारा जारी एडवाइजरी में 'sp-court-in.com' नाम के एक फर्जी लिंक की पहचान की गई है, जो हूबहू सुप्रीम कोर्ट के आधिकारिक पोर्टल की तरह दिखता है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि साइबर अपराधी इस लिंक के जरिए 'फिशिंग' हमला कर सकते हैं और लोगों को अपने जाल में फंसाकर उनसे संवेदनशील पासवर्ड, वित्तीय विवरण और निजी दस्तावेज ऐंठ सकते हैं।

केवल इस लिंक पर करें भरोसा

एडवाइजरी में साफ तौर पर कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट की एकमात्र असली और पंजीकृत वेबसाइट 'sci.gov.in' है। किसी भी ऑनलाइन सेवा, केस स्टेटस या जानकारी के लिए केवल इसी आधिकारिक डोमेन का इस्तेमाल करें। किसी भी अनजान या संदिग्ध लिंक पर अपनी जानकारी साझा न करें और वेब एड्रेस की जांच जरूर करें।

शिकार होने पर तुरंत करें यह काम

कोर्ट प्रशासन ने सलाह दी है कि अगर किसी व्यक्ति को लगता है कि वह अनजाने में इस फर्जी वेबसाइट का शिकार हो गया है या उसने अपनी जानकारी शेयर कर दी है, तो उसे बिना देर किए अपने सभी ऑनलाइन खातों के पासवर्ड बदल देने चाहिए। साथ ही, किसी भी संभावित वित्तीय नुकसान से बचने के लिए तुरंत अपने बैंक को सूचित करना चाहिए ताकि संदिग्ध लेनदेन को समय रहते रोका जा सके।

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मोनू झाauthor

मोनू कुमार टाइम्स नाउ नवभारत की डिजिटल टीम में वायरल और ट्रेंडिंग डेस्क पर काम कर रहे हैं। न्यूजरूम में 4 साल से अधिक का अनुभव रखने वाले मोनू वायरल कंटेंट, ऑफबीट खबरों और सोशल मीडिया ट्रेंड्स को पहचानने में बेहद दक्ष हैं। यूनीक एंगल तलाशने और कहानियों को आकर्षक अंदाज में प्रस्तुत करने की उनकी क्षमता उन्हें डिजिटल कंटेंट स्पेस में अलग पहचान देती है। मोनू कुमार 4,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं, जिनमें कई वायरल रिपोर्ट्स, ट्रेंड-बेस्ड अपडेट्स और सोशल मीडिया-फोकस्ड कंटेंट शामिल हैं।

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