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पुलिस थानों में CCTV गायब, हिरासत में 11 मौतें...सुप्रीम कोर्ट ने लिया संज्ञान, कल होगी सुनवाई

शीर्ष अदालत ने केंद्र सरकार को ना सिर्फ पुलिस थानों व CBI, ED, NIA सहित अन्य जांच एजेंसियों के कार्यालयों में भी सीसीटीवी कैमरे और रिकॉर्डिंग उपकरण लगाने का निर्देश दिए थे।

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शीर्ष अदालत पुलिस थानों में सीसीटीवी कैमरों की कमी सुनवाई करेगी

Supreme Court on custodial deaths: उच्चतम न्यायालय पुलिस थानों में सीसीटीवी कैमरों की कमी को लेकर स्वत: संज्ञान वाली जनहित याचिका पर सोमवार को सुनवाई करेगा। शीर्ष अदालत ने मानवाधिकारों के हनन पर रोक लगाने के लिए साल 2018 में पुलिस थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाने का आदेश दिया था।

पुलिस हिरासत में 11 मौतें

न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ सोमवार को इस मामले पर सुनवाई कर सकती है। पीठ ने चार सितंबर को मीडिया में प्रकाशित एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा था, 'हम ‘पुलिस थानों में सीसीटीवी कैमरों की कमी’ शीर्षक से एक स्वत: संज्ञान जनहित याचिका दर्ज करने का निर्देश दे रहे हैं, क्योंकि ऐसी खबरें आई हैं कि साल 2025 के शुरुआती सात-आठ महीनों में पुलिस हिरासत में करीब 11 मौतें हुई हैं।'

दिसंबर 2020 में शीर्ष अदालत ने केंद्र सरकार को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI), प्रवर्तन निदेशालय (ED) और राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (NIA) सहित अन्य जांच एजेंसियों के कार्यालयों में सीसीटीवी कैमरे और रिकॉर्डिंग उपकरण लगाने का निर्देश दिया था।

न्यायालय ने कहा था कि राज्यों और केंद्र-शासित प्रदेशों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि हर पुलिस थाने में सभी प्रवेश और निकास द्वारों, मुख्य द्वार, हवालात, गलियारों, लॉबी और स्वागत कक्षों के साथ-साथ बाहर के क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं, ताकि कोई भी हिस्सा अछूता न रह जाए।

'नाइट विजन' से लैस हो कैमरा

शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया था कि सीसीटीवी प्रणाली ‘नाइट विजन’ से लैस होनी चाहिए और इसमें वीडियो के साथ-साथ ऑडियो रिकॉर्ड करने भी सुविधा होनी चाहिए। न्यायालय ने कहा था कि केंद्र, राज्यों और केंद्र-शासित प्रदेशों की सरकारों के लिए ऐसी प्रणालियां खरीदना अनिवार्य होगा, जो कम से कम एक साल के लिए डेटा सहेजने की सुविधा प्रदान करें।

Nitin Arora
नितिन अरोड़ाauthor

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदेश की बड़ी घटनाओं और समसामयिक मुद्दों को गहराई से समझकर उन्हें सटीक और सरल भाषा में प्रस्तुत करने में माहिर हैं। उन्होंने अपने करियर में लगातार करंट अफेयर्स, पॉलिटिकल डेवलपमेंट्स, डिप्लोमैटिक घटनाएं और डिफेंस सेक्टर से जुड़े विषयों पर प्रभावशाली कॉन्टेंट तैयार किया है और अबतक 6 हजार से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। विभिन्न टॉपिक्स पर एक्सप्लेनेर, डेटा-आधारित रिपोर्ट्स और विश्लेषणात्मक कॉपी लिखने में उनकी मजबूत पकड़ है।

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