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PIB Fact Check Unit: सुप्रीम कोर्ट से केंद्र सरकार को बड़ा झटका, PIB फैक्ट चेक यूनिट पर SC ने लगा दिया ब्रेक

  • Authored by: शिशुपाल कुमार
  • Updated Mar 21, 2024, 01:59 PM IST

PIB Fact Check Unit: मोदी सरकार की ओर से बुधवार को ही पीआईबी फैक्ट चेक यूनिट को लेकर अधिसूचना जारी की गई थी।

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फैक्ट चेक यूनिट पर सुप्रीम कोर्ट की रोक

PIB Fact Check Unit: पीआईबी फैक्ट चेक यूनिट पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है। मोदी सरकार की ओर से बुधवार को ही पीआईबी फैक्ट चेक यूनिट को लेकर अधिसूचना जारी की गई थी। जिसके बाद यह मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था, जहां आज सुप्रीम कोर्ट फैक्ट चेक यूनिट (FCU) पर रोक लगा दिया है।

भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ ने कहा कि यह मामला अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से संबंधित है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि (मध्यवर्ती दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) संशोधन नियम 2023 में संशोधन को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर बॉम्बे हाई कोर्ट द्वारा अंतिम निर्णय लेने तक अधिसूचना पर रोक रहेगी।

बुधवार को जारी हुई थी अधिसूचना

इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (मेइटी) की ओर से बुधवार को जारी पीआईबी फैक्ट चेक को लेकर अधिसूचना जारी की गई थी। तथ्यों की जांच करने वाली इकाई को 2021 के आईटी नियमों के तहत अधिसूचित किया गया है। प्रेस सूचना ब्यूरो (पीआईबी) के तहत तथ्यों की जांच करने वाली इकाई केंद्र सरकार के लिए अधिकृत तथ्य जांच इकाई होगी। यह इकाई सरकार से संबंधित ऑनलाइन सामग्री की निगरानी करेगी, जिससे गलत सूचना के प्रसार को रोका जा सके।

बंबई उच्च न्यायलय का फैसला

केंद्र ने यह अधिसूचना तब जारी की थी, जब बंबई उच्च न्यायालय ने केंद्र को इसे अधिसूचित करने से रोकने से इनकार कर दिया था। इसके खिलाफ याचिका स्टैंड-अप कॉमेडियन कुणाल कामरा और एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया द्वारा दायर की गई थी। याचिकाकर्ताओं ने बंबई उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ उच्चतम न्यायालय का रुख किया था, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने यह फैसला सुनाया है।

शिशुपाल कुमार
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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