देश

PIB Fact Check: फर्जी खबरों को रोकने के लिए मोदी सरकार सख्त, पीआईबी फैक्ट चेक यूनिट के लिए अधिसूचना जारी

  • Edited by: शिशुपाल कुमार
  • Updated Mar 21, 2024, 10:43 AM IST

PIB Fact Check: इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (मेइटी) की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया है कि पीआईबी फैक्ट चेक यूनिट सरकार से संबंधित ऑनलाइन सामग्री की निगरानी करेगी, जिससे गलत सूचना के प्रसार को रोका जा सके।

Image

पीआईबी फैक्ट चेक यूनिट को केंद्र ने किया नोटिफाई

KEY HIGHLIGHTS
  • आईटी मंत्रालय के अंदर पीआईबी फैक्ट चेक यूनिट (FCU) बनेगा।
  • पीआईबी फैक्ट चेक यूनिट सरकार से संबंधित ऑनलाइन सामग्री की निगरानी करेगी
  • पीआईबी फैक्ट चेक यूनिट के सरकार ने जारी की अधिसूचना।

PIB Fact Check: फेक खबरों को रोकने के लिए मोदी सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। मोदी सरकार, आईटी मंत्रालय के अंदर पीआईबी फैक्ट चेक यूनिट (FCU) बनाने की तैयारी कर रही है। इसके लिए सरकार की ओर से अधिसूचना भी जारी कर दी गई है।

सरकार क्यों लाने जा रही फैक्ट चेक यूनिट

इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (मेइटी) की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया है कि पीआईबी फैक्ट चेक यूनिट सरकार से संबंधित ऑनलाइन सामग्री की निगरानी करेगी, जिससे गलत सूचना के प्रसार को रोका जा सके। अधिसूचना में कहा गया है- "केंद्र सरकार सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के प्रेस सूचना ब्यूरो के तहत तथ्य जांच इकाई को केंद्र सरकार की तथ्य जांच इकाई के रूप में अधिसूचित करती है।"

कोर्ट में मामला

यह अधिसूचना बॉम्बे हाई कोर्ट द्वारा कॉमेडियन कुणाल कामरा की उस अंतरिम याचिका को खारिज करने के कुछ दिनों बाद आई है, जिसमें उन्होंने एफसीयू की स्थापना पर रोक लगाने की मांग की थी। याचिकाकर्ताओं ने बंबई उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है और इस मामले पर गुरुवार को सुनवाई हो सकती है।

आईटी

सोशल मीडिया कंपनियों को करनी पड़ेगी कार्रवाई

6 अप्रैल, 2023 को, केंद्र सरकार ने सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यवर्ती दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 में कुछ संशोधनों की घोषणा की थी, जिसमें सरकार से संबंधित नकली, गलत या भ्रामक ऑनलाइन सामग्री को चिह्नित करने के लिए एफसीयू का प्रावधान भी शामिल है।आईटी नियमों के तहत, यदि एफसीयू को ऐसे किसी पोस्ट के बारे में पता चलता है या सूचित किया जाता है जो फर्जी, गलत है और जिसमें सरकार के व्यवसाय के बारे में भ्रामक तथ्य शामिल हैं, तो वह इसे सोशल मीडिया मध्यस्थों को भेज देगा। यदि ऑनलाइन माध्यमों को अपने ‘सेफ हार्बर’ (तीसरे पक्ष की सामग्री के खिलाफ कानूनी प्रतिरक्षा) को बरकरार रखना है तो उन्हें ऐसी सामग्री को हटाना होगा।

शिशुपाल कुमार
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

और पढ़ें
End of Article