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पैलेट गन के इस्तेमाल पर SC की अहम टिप्पणी, कहा-खास हालात में पुलिस कर सकती है इसका इस्तेमाल, 20 जुलाई की घटना की होगी जांच

कानून-व्यवस्था की स्थिति से निपटने के लिए मेटैलिक पेलेट गन के इस्तेमाल पर पूरी तरह बैन लगाने की मांग वाली अर्जी पर सुनवाई करते हुए शीर्ष अदालत ने यह अहम टिप्पणी की। साथ ही कोर्ट ने कहा कि 20 जुलाई को CJP के विरोध-प्रदर्शनों में पेलेट गन के इस्तेमाल की जांच के लिए वह तैयार है।

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पैलेट गन के इस्तेमाल पर सुप्रीम कोर्ट की अहम टिप्पणी।

Photo : PTI

SC on pellet guns : विरोध-प्रदर्शन के दौरान उपद्रवियों को काबू करने के लिए पैलेट गन के इस्तेमाल पर सुप्रीम कोर्ट ने अहम टिप्पणी की है। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कहा कि खास हालात में पुलिस को पेलेट गन इस्तेमाल करने का अधिकार है। कानून-व्यवस्था की स्थिति से निपटने के लिए मेटैलिक पेलेट गन के इस्तेमाल पर पूरी तरह बैन लगाने की मांग वाली अर्जी पर सुनवाई करते हुए शीर्ष अदालत ने यह अहम टिप्पणी की। साथ ही कोर्ट ने कहा कि 20 जुलाई को CJP के विरोध-प्रदर्शनों में पेलेट गन के इस्तेमाल की जांच के लिए वह तैयार है।

गोला-बारूद का रिकॉर्ड सुरक्षित रखने का भी निर्देश

कोर्ट ने केंद्र सरकार को नीट पेपर लीक के खिलाफ जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान तैनात रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के गोला-बारूद (अम्म्यूनिशन) का रिकॉर्ड सुरक्षित रखने का भी निर्देश दिया। शीर्ष अदालत पूर्व केंद्रीय सूचना आयुक्त और सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी यशोवर्धन आजाद तथा दो पीड़ितों द्वारा दायर उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें कानून-व्यवस्था की स्थिति से निपटने के लिए धातु (मेटैलिक) पैलेट गन के इस्तेमाल पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग की गई है।

खास परिस्थिति में पैलेट गन का इस्तेमाल जायज-कोर्ट

सुनवाई के दौरान अदालत ने याचिका में की गई इस मांग पर सवाल उठाए। कोर्ट ने पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो (BPRD) की एडवाइजरी का हवाला देते हुए कहा कि विशेष और असाधारण परिस्थितियों में पुलिस को पैलेट गन के इस्तेमाल का अधिकार है।

प्रदर्शनकारियों पर पैलेट गन चलने की बात आई है सामने

पुलिस अधिकारियों ने मंगलवार को आधिकारिक रिकॉर्ड का हवाला देते हुए बताया कि NEET परीक्षा के पेपर लीक मामले में प्रदर्शनकारियों द्वारा 20 जुलाई को जंतर-मंतर के पास आयोजित 'संसद चलो' मार्च के दौरान भीड़ को नियंत्रित करने के लिए रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) ने दो प्लास्टिक पेलेट सहित कई राउंड गैर-घातक गोला-बारूद दागे। अधिकारियों ने पीटीआई को बताया कि यह घटना 22 जुलाई को दोपहर 1:24 बजे पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन की जनरल डायरी में दर्ज की गई है। आरएएफ के एक डिप्टी कमांडेंट की सूचना पर यह जानकारी दर्ज की गई थी कि नीली वर्दी पहने बल जंतर-मंतर क्षेत्र के जोन 1 में दिल्ली पुलिस के एक डिप्टी कमिश्नर (डीसीपी) रैंक के अधिकारी के साथ ड्यूटी पर था।

सरकार पर हमलावर हैं राहुल गांधी

कांग्रेस नेता राहुल गांधी पैलेट गन के इस्तेमाल पर दिल्ली पुलिस और गृह मंत्री अमित शाह पर हमलावर हैं। राहुल का आरोप है कि गृह मंत्री के कहने पर दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर इस गन का इस्तेमाल किया। वहीं, भाजपा ने राहुल के आरोपों का खंडन किया है। भाजपा का दावा है कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने पैलेट गन का इस्तेमाल नहीं किया।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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