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निलंबित IAS विनय चौबे को SC से बड़ी राहत, हजारीबाग भूमि घोटाला मामले में मिली जमानत; 1 साल बाद हिरासत से आएंगे बाहर

झारखंड के निलंबित आईएएस अधिकारी विनय कुमार चौबे को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हजारीबाग में डीसी रहते कथित अवैध भूमि खरीद-बिक्री मामले में कोर्ट ने उन्हें सशर्त जमानत दे दी। सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया है कि वह देश नहीं छोड़ेंगे, गवाहों को प्रभावित नहीं करेंगे और जांच में पूरा सहयोग करेंगे। एसीबी ने उन्हें मई 2025 में गिरफ्तार किया था और वह पिछले एक वर्ष से अधिक समय से न्यायिक हिरासत में थे।

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हजारीबाग भूमि घोटाला: निलंबित IAS विनय चौबे को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत।

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

झारखंड के चर्चित निलंबित आईएएस अधिकारी विनय कुमार चौबे को सर्वोच्च न्यायालय से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने हजारीबाग में उपायुक्त (DC) के कार्यालय के दौरान सेवायत और वनभूमि की कथित अवैध खरीद-बिक्री से जुड़े मामले में उनकी जमानत याचिका स्वीकार कर ली है।

सुनवाई के बाद जस्टिस बी.वी. नागरत्ना और जस्टिस उज्जल भुइयां की सुप्रीम कोर्ट पीठ ने आरोपी को कुछ शर्तों के साथ जमानत दे दी। इससे पहले 28 अप्रैल को झारखंड हाईकोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद उन्होंने राहत के लिए सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की, जहां उन्हें सशर्त जमानत मिल गई। जमानत मिलने के बाद विनय चौबे के जेल से बाहर आने का रास्ता साफ हो गया है। उनके खिलाफ दर्ज अन्य मामलों में उन्हें पहले ही जमानत मिल चुकी है। चौबे पिछले एक साल से अधिक समय से जेल में बंद हैं।

विनय चौबे की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए वकील अजीत कुमार सिंह ने कहा, "मेरे मुवक्किल विनय चौबे, जो झारखंड कैडर के एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी रहे हैं, उनके खिलाफ झारखंड सरकार द्वारा लगातार कई एफआईआर दर्ज की गई हैं। हालांकि, आज माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने उन्हें अंततः जमानत दे दी है और वह लगभग एक साल के बाद हिरासत से बाहर आ जाएंगे।"

कोर्ट ने क्या दिए निर्देश?

कोर्ट ने जमानत मंजूर करते हुए निर्देश दिया है कि विनय चौबे देश छोड़कर नहीं जा पाएंगे और वे मामले से जुड़े गवाहों को किसी भी तरह से प्रभावित या संपर्क करने की कोशिश नहीं करेंगे। साथ ही उन्हें जांच में पूरा सहयोग करने को कहा गया है।

क्या है विनय कुमार चौबे पर आरोप?

बता दें कि एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने विनय चौबे को 20 मई 2025 को गिरफ्तार किया था, जिसके बाद से वे लगातार न्यायिक हिरासत में थे। आरोप है कि उन्होंने हजारीबाग के डीसी कार्यकाल के दौरान खासमहल और सेवायत जमीन की अवैध खरीद-बिक्री व फर्जी दस्तावेजों के जरिए प्रकृति बदलकर उसे निजी लोगों को ट्रांसफर किया।

मामले में 73 लोगों को बनाया गया आरोपी

यह मामला हजारीबाग के चर्चित भूमि घोटाले से जुड़ा है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने इस संबंध में कांड संख्या 11/2025 दर्ज किया है। एफआईआर में निलंबित आईएएस अधिकारी विनय कुमार चौबे के अलावा उनके करीबी विनय सिंह, उनकी पत्नी स्निग्धा सिंह, हजारीबाग के विधायक प्रदीप प्रसाद, तत्कालीन अंचलाधिकारी शैलेश कुमार, ब्रोकर विजय सिंह समेत कुल 73 लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है।

Piyush Kumar
पीयूष कुमारauthor

पीयूष कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर Senior Copy Editor के रूप में कार्यरत हैं। देश-दुनिया की हलचल पर उनकी पैनी नजर रहती है और इन घटनाओं को सटीक, सरल और असरदार अंदाज में खबरों की भाषा देना उनकी सबसे बड़ी ताकत है। ब्रेकिंग न्यूज की रफ्तार हो या किसी जटिल मुद्दे को आसान बनाकर समझाने वाले एक्सप्लेनर—पीयूष दोनों में बराबर दक्षता रखते हैं। न्यूज जजमेंट, फैक्ट-बेस्ड राइटिंग और एंड-टू-एंड कॉपी प्रोडक्शन पर इनकी पकड़ मजबूत है और अबतक 4,000 से अधिक स्टोरी लिख चुके हैं।

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