सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली एनसीआर में बढ़ते डॉग बाइट्स और रेबीज के मामलों पर चिंता जताते हुए दिल्ली, एमसीडी, एनडीएमसी, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद की सभी एजेंसियों को कड़े निर्देश दिए हैं। अदालत ने कहा कि स्थिति बेहद गंभीर है और तुरंत कदम उठाने होंगे। न्यायालय ने कहा कि कुत्तों के लिए आश्रय स्थलों की संख्या समय के साथ बढ़ानी होगी। न्यायालय ने दिल्ली के अधिकारियों को निर्देश दिया था कि वे छह से आठ सप्ताह के भीतर लगभग 5,000 कुत्तों के लिए आश्रय स्थल बनाएं। पीठ ने चेतावनी भी दी थी कि यदि कोई व्यक्ति या संगठन आवारा कुत्तों को उठाने के काम में बाधा डालेगा तो उसके खिलाफ अदालत अवमानना की कार्यवाही शुरू करेगी।
10 प्वाइंट में जानिए सुप्रीम कोर्ट का आदेश
1. आवारा कुत्ते बच्चों की जान पर बने संकट
2024 में देशभर में 37 लाख से ज्यादा डॉग बाइट्स के मामले, दिल्ली में अकेले 25,201 केस आए। नवजात, छोटे बच्चे, बुजुर्ग और बेघर लोग सबसे ज्यादा खतरे में। समय पर इलाज न मिलने पर रेबीज से मौत हो जाती है।
2. एनसीआर में तुरंत पकड़ शुरू हो
सभी स्थानीय निकायों को सबसे संवेदनशील इलाकों से आवारा कुत्ते पकड़ना शुरू करने का आदेश दिया। जरूरत पड़ने पर विशेष बल (फोर्स) बनाने का निर्देश। विरोध होने पर सख्त कार्रवाई होगी।
3. सड़क पर दोबारा छोड़ने पर मनाही
कोर्ट ने अपने आदेश में साफ किया है कि एक बार कुत्ता पकड़ने के बाद उसे शेल्टर या पाउंड में रखा जाएगा, दोबारा सड़क पर नहीं छोड़ा जाएगा।अगर कोई कुत्ता वापस छोड़ा गया तो जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई होगी।
4. 8 हफ्तों में शेल्टर बनाएं
पूरे एनसीआर में 8 हफ्तों में पर्याप्त जगह, प्रशिक्षित स्टाफ और वेटरिनरी सुविधाओं वाले शेल्टर बनें। सीसीटीवी लगाकर यह सुनिश्चित करें कि कोई कुत्ता हटाया या छोड़ा न जाए।
5. डॉग शेल्टर में मानवीय देखभाल हो
कोर्ट ने चेतावनी देते हुए कहा है कि किसी भी कीमत पर कुत्तों के साथ क्रूरता नहीं होनी चाहिए। शेल्टर में भीड़भाड़ न हो, समय पर खाना और इलाज मिले। हर समय कम से कम दो जिम्मेदार स्टाफ मौजूद हों, कमजोर और बीमार कुत्तों को अलग रखा जाए।
6. बेसहारा कुत्तों गोद लेना संभव, लेकिन सड़क पर नहीं छोड़ा जा सकता
कड़े नियमों के तहत गोद लेने की अनुमति होगी, लेकिन गोद लिए गए कुत्ते को सड़क पर छोड़ना पूरी तरह प्रतिबंधित। नियम तोड़ने पर अधिकारी और व्यक्ति दोनों पर कार्रवाई होगी।
7. समानांतर नसबंदी और ढांचा तैयार किया जाए
शेल्टर निर्माण के साथ-साथ नसबंदी, डीवार्मिंग और टीकाकरण भी हो।सुविधाएं न होने के बहाने पकड़ने में देरी बर्दाश्त नहीं होगी।
8. हेल्पलाइन और त्वरित कार्रवाई की जरूरत
डॉग बाइट के शिकार लोगों के लिए एक हफ्ते में हेल्पलाइन शुरू हो। डॉग बाइट की शिकायत मिलने पर चार घंटे में कुत्ता पकड़ा जाए। पीड़ित को तुरंत इलाज के लिए भेजा जाए।
9. रेबीज वैक्सीन की उपलब्धता
आदेश के मुताबिक दिल्ली सरकार को वैक्सीन कहां उपलब्ध है, कितना स्टॉक है और हर महीने कितने लोगों का इलाज हुआ, ये जानकारी सार्वजनिक करनी होगी। असली वैक्सीन की उपलब्धता पर भी अदालत ने चिंता जताई।
10. हाईकोर्ट का मामला भी साथ सुना जाएगा
डॉग शेल्टर निर्माण पर दिल्ली हाईकोर्ट में लंबित याचिका अब सुप्रीम कोर्ट में स्थानांतरित होगी। दोनों मामलों की सुनवाई साथ होगी और 4 हफ्ते बाद प्रगति रिपोर्ट मांगी जाएगी।
कौन-कौन से इलाके शामिल
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक नई दिल्ली नगरपालिका, दिल्ली नगर निगम, नोएडा नगर निगम, गाजियाबाद, गुरुग्राम के साथ ही फरीदाबाद के नगर निगम को भी इसमें शामिल किया गया है। यानी सुप्रीम कोर्ट का यह आदेश फरीदाबाद के नगर निगम वाले इलाकों पर भी लागू होगा। कोर्ट ने फरीदाबाद नगर निगम को भी अपने क्षेत्र में जल्द से जल्द डॉग शेल्टर बनाने का आदेश दे दिया है।
