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अतीक के बेटे असद अहमद की कहानी, पढ़ने-लिखने में तेज, महंगे फोन-घड़ियों का था शौकीन

  • Authored by: अमित कुमार मंडल
  • Updated Apr 13, 2023, 02:21 PM IST

बताया जाता है कि असद ने 6 महीने पहले ही जुर्म की दुनिया में कदम रखा था। उमेश पाल हत्याकांड से पहले असद पर कोई भी आपराधिक मामला दर्ज नहीं था।

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अतीक के बेटे असद अहमद की कहानी (Screen Grab)

Who Was Atiq Ahmed Son Asad Ahmed: उमेश पाल हत्याकांड में वांछित माफिया से नेता बने अतीक अहमद के बेटे असद को पुलिस ने एनकाउंटर में ढेर कर दिया। इसके अलावा गुलाम पुत्र मकसूदन भी पुलिस मुठभेड़ में मारा गया है। दोनों प्रयागराज के उमेश पाल हत्याकांड में फरार थे और इन पर पांच-पांच लाख रुपये का इनाम था। यूपी एसटीएफ ने कहा कि झांसी में डीएसपी नवेंदु और डीएसपी विमल के नेतृत्व में यूपीएसटीएफ की टीम ने कार्रवाई को अंजाम दिया। दोनों के पास अत्याधुनिक विदेशी हथियार बरामद हुए हैं। कौन था असद अहमद और उसका कितना खौफ था यूपी में जानते हैं।

बताया जाता है कि असद ने 6 महीने पहले ही जुर्म की दुनिया में कदम रखा था। उमेश पाल हत्याकांड से पहले असद पर कोई भी आपराधिक मामला दर्ज नहीं था। 24 फरवरी को प्रयागराज में दिनदहाड़े उमेश पाल की हत्या के बाद असद अहमद यूपी का मोस्ट वांटेड क्रिमिनल बन गया था। पुलिस को शक था कि असद आधा दर्जन शूटरों की अगुवाई कर रहा था। असद अहमद अपनी गिरफ्तारी के डर से फरार था। उसे लेकर तमाम तरह के कयास लग रहे थे। कभी कहा गया कि असद नेपाल में है, तो कभी परिजनों ने आरोप लगाया कि वह पुलिस हिरासत में है। असद पर पुलिस ने पांच लाख रुपये का ईनाम घोषित किया था। उमेश पाल और उसके दो गनर की हत्या के बाद असद अहमद की पूरे सूबे में तलाश शुरू हो गई थी।

अपराध की दुनिया

यूपी पुलिस की मोस्ट वांटेड लिस्ट में शामिल असद पर ईनाम की राशि भी बढ़ाई गई थी। पहले असद अहमद की गिरफ्तारी पर यूपी पुलिस ने 50 हजार का ईनाम रखा था। इसके बाद इसे ढाई लाख और फिर पांच लाख कर दिया गया। असद अकसर गुड्डू मुस्लिम अतीक अहमद के साथ रहता था। उमेश पर हमले के दौरान बमबाज शूटर गुड्डू मुस्लिम सफेद शर्ट पहने था। अपराध की दुनिया में गुड्डू मुस्लिम 'बमबाज' के नाम से मशहूर था। उमेश पाल हत्याकांड में अतीक के बेटे असद के अलावा अरमान, गुलाम, गुड्डू मुस्लिम और साबिर पर पुलिस ने ढाई-ढाई लाख का ईनाम रखा था।

असद अहमद 24 फरवरी 2023 को प्रयागराज में उमेश पाल मर्डर को अंजाम देने पहुंचा था। सीसीटीवी में वह हाथ में हथियार थामे दिख रहा था। कहा जता है कि उमेश पाल मर्डर की कमान उसी ने संभाल रखी थी ।

असद अहमद की कहानी

असद अतीक का सबसे छोटा बेटा था। असद अहमद लखनऊ से ऑपरेट करता था। असद ने लखनऊ के बड़े स्कूल से इसी साल 12वीं कक्षा पास की थी। बताया जाता है कि वो पढ़ाई में काफी तेज था। कानून की पढ़ाई के लिए वह विदेश जाना चाहता था, लेकिन परिवार के आपराधिक इतिहास की वजह से उसका पासपोर्ट क्लियर नहीं हुआ। उमेश पाल हत्याकांड के दौरान असद का सीसीटीवी फुटेज मिलने के बाद वह पुलिस की रडार पर आ गया था।

पिता अतीक और चाचा अशरफ की गैरमौजूदगी में अतीक के दो बड़े बेटे उमर और अली पिछले कुछ सालों से गिरोह चला रहे थे। उस समय असद पढ़ाई कर रहा था। पुलिस को शक था कि असद ने उमेश पाल की हत्या की योजना बनाने के लिए जेल जाकर अतीक और अशरफ से सलाह ली थी। साल 2018 में अतीक का सबसे बड़ा बेटा उमर सुर्खियों में आया था। तब उमर ने लखनऊ में एक प्रॉपर्टी डीलर मोहित जायसवाल का अपहरण किया था। मोहित जायसवाल का अपहरण करके उमर उसे देवरिया जेल ले गया था। उस समय अतीक अहमद इसी जेल में बंद था। अतीक के दूसरे बेटे अली के खिलाफ भी हत्या के प्रयास और जबरन वसूली के मामले दर्ज हैं। पुलिस ने दोनों भाइयों पर ईनाम घोषित किया था। दोनों भाइयों ने एनकाउंटर के डर से जुलाई 2022 में आत्मसमर्पण कर दिया था।

महंगी गाड़ियों और फोन का शौकीन

असद अहमद महंगी गाड़ियों और फोन का शौकीन था। वह विदेशी घड़ियां पहनता था और मंहगे फोन रखता था। बताया जाता है कि फरार होने से पहले उसके पास एप्पल आईफोन था। असद स्विट्जरलैंड की ब्राडेंड घड़ी पहनता था जिसकी कीमत एक लाख से ज्यादा है।

चाचा अशरफ से ट्रेनिंग

बताया जाता है कि असद चाचा अशरफ का सबसे चहेता भतीजा था। अशरफ ने ही उसे गोली चलाना, कार रेसिंग और घुड़सवारी सिखाई थी। हत्याकांड के दिन सीसीटीवी फुटेज में साफ दिखा कि कार से एक युवक निकला और धड़ाधड़ गोली चलाते हुए भाग रहा था। गोली चलाते हुए युवक की पहचान असद के रूप में ही हुई थी।

अमित कुमार मंडल
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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