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रेल मंत्री ने इस्तीफा देने के बजाए लीपापोती शुरू कर दी; कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने सरकार पर किए तीखे प्रहार

Stampede at New Delhi Railway Station: नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हुई भगदड़ की घटना में अब तक 18 लोगों की मौत हो चुकी है। कांग्रेस नेताओं ने मोदी सरकार पर सवाल खड़े किए हैं। इसी कड़ी में कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने मोदी सरकार और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव पर तीखा तंज कसा है और लीपापोती करने का आरोप लगाया है।

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सुप्रिया श्रीनेत ने मोदी सरकार पर उठाए सवाल।

Supriya Shrinate Raised Question: क्या नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हुई भगदड़ की घटना से जुड़े आंकड़े सरकार छिपा रही है? ये आरोप कांग्रेस की सुप्रिया श्रीनेत ने लगाए हैं। उन्होंने दावा किया है कि इस रेल मंत्री ने इस्तीफा देने के बजाए लीपापोती कर रहे हैं। सुप्रिया ने ये भी दावा किया कि बीती रात नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर जो भगदड़ की घटना हुई, वो हादसा नहीं नरसंहार था। आपको बताते हैं कि उन्होंने क्या कुछ आरोप लगाए।

'इस्तीफा देने के बजाए लीपापोती कर रहे रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव'

सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस्तीफा देने के बजाए लीपापोती शुरू कर दी है। जब लोग भगदड़ में मर रहे थे, तब रेल मंत्री मौत के आंकड़े छुपा रहे थे। रेल हादसे होते हैं, ये रील बनाते रहते हैं। कल रात जो हुआ वह कोई हादसा नहीं, नरसंहार था।

भगदड़ में 18 लोगों की मौत के बाद कांग्रेस ने सरकार पर उठाए सवाल

नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर मची भगदड़ में 18 लोगों की मौत के बाद सियासत गरमा गई है। विपक्षी दलों ने सरकार और रेलवे प्रशासन पर सवाल खड़े करने शुरू कर दिए हैं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा के बाद अब कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने सरकार पर सवाल खड़े किए हैं।

यात्री मवेशियों की तरह घूम रहे हैं- प्रियंका चतुर्वेदी ने सरकार को कोसा

नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हुई भगदड़ पर शिवसेना (यूबीटी) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, 'यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और इसकी जिम्मेदारी भारतीय रेलवे और रेल मंत्री की है, जो इस घटना की जिम्मेदारी लेने से इनकार कर रहे हैं... कृपया समझें कि हमारे यहां कई रेल दुर्घटनाएं, पटरी से उतरना और भगदड़ की घटनाएं हुई हैं, यहां तक कि मुंबई के बांद्रा स्टेशन पर भी, फिर भी कोई जिम्मेदारी नहीं ले रहा है... हम यात्री किराए में वृद्धि और बुनियादी ट्रेनों में कमी देख रहे हैं, और यात्री मवेशियों की तरह घूम रहे हैं... महाकुंभ आस्था का केंद्र है, और इसका प्रबंधन बिल्कुल भी अच्छा नहीं है। सरकार खुद को कब जवाबदेह बनाएगी?'

भगदड़ की जांच के लिए गठित समिति के सदस्यों के नाम घोषित

रेलवे ने नयी दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हुई भगदड़ की जांच के लिए गठित समिति के दो सदस्यों के नाम रविवार को घोषित किए। इसने कहा कि उत्तर रेलवे के प्रधान मुख्य वाणिज्यिक प्रबंधक नरसिंह देव और उत्तर रेलवे के प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त पंकज गंगवार समिति के सदस्य हैं। समिति ने जांच शुरू कर दी है और नयी दिल्ली रेलवे स्टेशन की सभी वीडियो फुटेज जुटाने के आदेश दिए हैं।

रेलवे ने शनिवार को भगदड़ में 18 लोगों की मौत के बाद जांच के आदेश दिए थे। प्रयागराज में महाकुंभ जाने के लिए ट्रेन के इंतजार में स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 14 और 15 पर यात्रियों की भीड़ उमड़ पड़ी। उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी हिमांशु उपाध्याय ने बताया कि घटना के समय पटना जाने वाली मगध एक्सप्रेस प्लेटफॉर्म नंबर 14 और नयी दिल्ली-जम्मू उत्तर संपर्क क्रांति एक्सप्रेस प्लेटफॉर्म नंबर 15 पर खड़ी थी।

भगदड़ की वजह बताते हुए उन्होंने कहा, 'कुछ लोग सीढ़ियों का इस्तेमाल करके फुटओवर ब्रिज से प्लेटफॉर्म नंबर 14 और 15 की ओर उतर रहे थे, वे फिसल गए और दूसरों पर गिर गए।' सूत्रों ने बताया कि रेलगाड़ियों के प्रस्थान में देरी और हर घंटे 1,500 जनरल (सामान्य) टिकटों की बिक्री की वजह से नयी दिल्ली रेलवे स्टेशन पर अफरातफरी की स्थिति हो गई।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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