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पेरिस ओलंपिक में विनेश फोगाट को अयोग्य घोषित करने पर खेल मंत्री का बयान, मांडविया बोले- 'PM Modi ने की IOA अध्यक्ष से बात'

Vinesh Phogat Disqualification: विनेश फोगाट को पेरिस ओलंपिक के अयोग्य घोषित किए जाने के बाद खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने बताया कि इस मामले में प्रधानमंत्री मोदी ने IOA अध्यक्ष से बात की है और कड़ा विरोध दर्ज कराने के लिए कहा है।

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Vinesh Phogat disqualification

Photo : AP

Vinesh Phogat Disqualification: पेरिस ओलंपिक में भारतीय महिला पहलवान विनेश फोगाट को अयोग्य किए जाने के बाद खेल मंत्री का बयान सामने आया है। खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने इस मामले में लोकसभा में जवाब दिया। उन्होंने कहा, इस मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उचित कार्रवाई करने को कहा है। साथ ही उन्होंने भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष से भी बात की है और मामले में कड़ा विरोध दर्ज कराने को कहा है।

खेल मंत्री ने बताया कि 7 अगस्त 2024 को 50 किग्रा महिला कुश्ती के लिए वजन का निर्धारण 7:15-7:30 (पेरिस समयानुसार) रेगेचेज और फाइनल में भाग लेने वाले पहलवानों के लिए किया गया था। विनेश का वजन 50 किलो 100 ग्राम पाया गया, इसलिए वे स्पर्धा के लिए आयोग्य घोषित कर दी गईं। इस ममाले को लेकर भारतीय ओलंपिक संघ ने अंतरराष्ट्रीय कुश्ती संघ से कड़ा विरोध दर्ज कराया हे।

सरकार ने विनेश को दी हर संभव सहायता

खेल मंत्री ने कहा, भारत सरकार ने विनेश फोगाट को उनकी आवश्यकता के अनुसार हर संभव सहायता प्रदान की है। उनके लिए पर्सनल स्टाफ भी नियुक्त किए गए हैं जो अपने क्षेत्र के विशेषज्ञ हैं। उनके साथ हंगरी के विख्यात कोच बोलेर अकोस और फिजियो अश्विनी पाटिल हमेशा रहते हैं। इनको ओलंपिक के लिए उनके अतिरिक्त व्यक्तिगत सहायत स्टाफ जैसे विभिन्न स्पारिंग पार्टनर.स, स्ट्रेंथ और कंडीशनिंग विशेषा के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की गई है। मांडविया ने कहा कि सरकार ने विनेश फोगाट को सभी प्रकार की खेल सुविधाएं एवं हर स्तर पर प्रशिक्षण उपलब्ध कराये हैं। उन्होंने कहा कि विनेश को पेरिस ओलम्पिक के लिए 70 लाख 45 हजार 775 रुपये की सहायता दी गयी है।

कांग्रेस ने किया वॉकआउट

खेल मंत्री के बयान के बाद कांग्रेस ने सदन से वॉकआउट कर दिया। सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस सांसद खेल मंत्री के बयान से खुश नहीं थे और सभी सांसद मांडविया के बयान का विरोध जताते हुए संसद से बाहर चले गए। वहीं, आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने इस मामले में कड़े कदम उठाने की अपील की है। उन्होंने ओलंपिक के बहिष्कार की मांग की है।

फाइनल मुकाबले से पहले डिस्क्वालिफाई की गईं विनेश

विनेश को महिलाओं की 50 किलो कुश्ती स्पर्धा के फाइनल से पहले वजन अधिक पाये जाने के कारण बुधवार को ओलंपिक से अयोग्य घोषित कर दिया गया । विनेश ने ओलंपिक फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान बनकर इतिहास रचा था । सुबह तक उनका कम से कम रजत पदक पक्का लग रहा था लेकिन अब वह बिना किसी पदक के लौटेंगी ।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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