Anand Dube: शिवसेना यूबीटी के नेता आनंद दुबे ने पार्टी से निकालने जाने की रिपोर्टों को खारिज किया है। दुबे ने अपने एक वीडियो संदेश में मंगलवार को कहा कि शिवसेना से उन्हें नहीं निकाला गया है। वह अब भी पार्टी में शामिल हैं। दुबे ने इस तरह की अटकलों के लिए अपने विरोधियों पर निशाना साथा। उन्हें तंज कसते हुए कहा कि पार्टी में उन्हें 'प्रेम' करने वाले बहुत ज्यादा हैं, यह शरारत उन्हीं लोगों के द्वारा की गई है। दरअसल, मीडिया को कथित रूप से शिवसेना की तरफ से जारी किए गए बयान में कहा गया कि पंडित अवधेश शुक्ला द्वारा पेश किए गए तथ्यों के आधार पर पार्टी सांसद अनिल देसाई ने आनंद दुबे को तत्काल प्रभाव से पार्टी से निष्कासित कर दिया है।
प्रमुखता से पार्टी का पक्ष रखते आए हैं दुबे
अपने वीडियो संदेश में दुबे ने कहा, 'जैसा कि आप सब जानते हैं कि एक खबर चल रही है कि आनंद दुबे को पार्टी से बाहर कर दिया गया है, ऐसी खबरें पूरी तरह से अफवाह हैं, बेबुनियाद हैं और गलत हैं।'
बता दें कि दुबे पार्टी के प्रमुख मीडिया चेहरों में शामिल हैं और न्यूज चैनलों पर होने वाली बहसों में वह प्रमुखता से पार्टी का पक्ष रखते हैं। दुबे ने कहा, 'हमसे प्रेम करने वाले बहुत लोग हैं, पता नहीं कौन प्रेम की फुलझड़ी छोड़ रहा है।'

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शिवसेना यूबीटी में संगठनात्मक बदलाव
ऐसा माना जा रहा है कि हाल के दिनों में आनंद दुबे के कुछ बयानों और गतिविधियों को लेकर पार्टी हाईकमान नाराज था। पंडित अवधेश शुक्ला द्वारा दी गई रिपोर्ट के बाद यह फैसला लिया गया। शिवसेना यूबीटी में पिछले कुछ महीनों से संगठनात्मक बदलाव चल रहे हैं और अनुशासन को लेकर पार्टी सख्त रुख अपना रही है। उद्धव ठाकरे की पार्टी ऐसे नेताओं पर अनुशासनात्मक कार्रवाई कर रही है जो पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल हुए हैं। महाराष्ट्र में शिवसेना (यूबीटी) एक बार फिर अपने जनाधार का विस्तार करने में जुटी है।
