Kisan Andolan: किसान आंदोलन दौरान 24 साल के शुभकरण सिंह की मौत से कई किसान संगठन भड़क उठे हैं। किसानों ने देशव्यापी आंदोलन का ऐलान किया है, इसके साथ ही पूरे देश में ट्रैक्टर मार्च का भी आह्वान किया है। किसानों की मांग है कि शुभकरण सिंह की मौत के आरोप में हरियाणा के मुख्यमंत्री व गृहमंत्री के ऊपर हत्या का केस चलाया जाए। किसानों ने इस मामले में जांच की मांग करते हुए 14 मार्च को रामलीला मैदान में किसानों की महापंचायत बुलाई है।
भारतीय किसान यूनियन के नेता बलबीर सिंह राजेवाला ने गुरुवार को कहा कि हरियाणा पुलिस ने पंजाब में घुसकर हम पर फायरिंग की और हमारे ट्रैक्टर भी तोड़ दिए। इसी में शुभकरण सिंह की मौत हो गई। उन्होंने कहा, हरियाणा के सीएम और हरियाणा के गृह मंत्री के खिलाफ आईपीसी की धारा 302 के तहत मामला दर्ज किया जाना चाहिए और इस मामले की न्यायिक जांच होनी चाहिए।
अगले सप्ताह ट्रैक्टर मार्च का ऐलान
उधर, संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने पंजाब-हरियाणा सीमा पर एक प्रदर्शनकारी किसान की मौत को लेकर प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की। इसके साथ ही उन्होंने सप्ताह ट्रैक्टर मार्च निकालने की घोषणा की।एसकेएम ने यह भी घोषणा कि किसान मौत को लेकर शुक्रवार को ‘काला दिवस’ मनाया जाएगा। एसकेएम ने 2020-21 में केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन का नेतृत्व किया था जिन्हें बाद में निरस्त कर दिया गया। उसने यह भी कहा कि किसान 26 फरवरी को राजमार्गों पर ट्रैक्टर मार्च निकालेंगे और 14 मार्च को दिल्ली में महापंचायत करेंगे।
संसद का विशेष सत्र बुलाए किसान
उधर, कांग्रेस ने गुरुवार को किसानों से जुड़े उन मुद्दों पर चर्चा के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग की। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी किसानों को बुलेट की गारंटी दे रहे हैं। उन्होंने एक्स’ पर पोस्ट किया कि 'किसान हमारे देश की रीढ़ हैं। अन्नदाताओं के दम पर ही हम हरित क्रांति और श्वेत क्रांति लाने में सक्षम हुए। इनकी मेहनत की वजह से ही कृषि के क्षेत्र में भारत आत्मनिर्भर बना। आज वही किसान जब एमएसपी की गारंटी मांग रहे हैं तब प्रधानमंत्री मोदी उन्हें बुलेट की गारंटी दे रहे हैं।
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